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Faridabad News: दहेज प्रताड़ना व गर्भस्थ शिशु की मौत के आरोप से पति दोषमुक्त

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अदालत में पड़ोसी गवाह ने कहा-महिला को खुद छत से कूदते देखा, पति व पिता घर पर मौजूद नहीं थे
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सचिन कुमार
फरीदाबाद। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट और गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में आरोपी पति आफताब अंसारी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सका। सुनवाई के दौरान मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब पड़ोसी गवाह ने अदालत में बयान दिया कि उसने महिला को खुद घर की छत से कूदते देखा था और उस समय आरोपी पति व उसके पिता घर पर मौजूद नहीं थे। गवाह ने यह भी कहा कि आरोपी की मां उस समय गंभीर रूप से बीमार थी और चलने-फिरने की हालत में भी नहीं थी।

अदालत ने घटनास्थल के साइट प्लान और मेडिकल रिपोर्ट का भी विश्लेषण किया। रिपोर्ट के अनुसार महिला के दोनों पैरों की एडी और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। अदालत ने कहा कि इस तरह की चोटें अक्सर उस स्थिति में होती हैं जब व्यक्ति खुद कूदता है और पैरों के बल गिरता है। यदि किसी को धक्का दिया जाता है तो आमतौर पर गिरने का तरीका अलग होता है और शरीर का संतुलन बिगड़ने से अलग प्रकार की चोटें आती हैं। अदालत ने यह भी पाया कि शिकायतकर्ता और उसकी मां के बयानों में कई विरोधाभास थे और दहेज की मांग से जुड़ी कोई स्पष्ट घटना या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी आफताब अंसारी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। जांच के दौरान आरोपी की मां की मृत्यु हो गई जबकि पिता को पुलिस ने निर्दोष पाया। इसके बाद केवल पति आफताब अंसारी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया और ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाहों को पेश किया।
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मामले के अनुसार थाना मुजेसर में नौ फरवरी 2023 को दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता रेशमा खातून ने आरोप लगाया था कि उसकी शादी 23 मार्च 2022 को आफताब अंसारी से मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद पति और ससुराल पक्ष उस पर दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाते और मारपीट करते थे। शिकायत के अनुसार पांच फरवरी 2023 को पति और सास ने उसे घर की छत से धक्का दे दिया, जिससे उसके दोनों पैरों, हाथ और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया और वह चार माह की गर्भवती होने के कारण गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 323, 325, 316 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज किया था।
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