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Faridabad News: एनकाउंटर मामले में हाईकोर्ट सख्त, कहा केस को क्यों न सीबीआई के हवाले कर दें

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फरीदाबाद। 17 सितंबर साल 2023 को गांव पावटा में हुए कथित एनकाउंटर मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस के प्रति सख्त रवैया अपनाया है। अदालत ने पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना इस केस को सीबीआई के हवाले कर दे। साथ ही पुलिस पर रोक लगाई है कि वह पीड़ित परिवार के किसी भी सदस्य को पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं करेंगे। उन्हें थाने में भी नहीं बुलाया जाएगा। मृतक के पिता की शिकायत पर इस मामले में तत्कालीन क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 के तत्कालीन प्रभारी सहित अन्य के खिलाफ थाना धौज में हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं।
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मृतक बलराज उर्फ बबलू के पिता रमेश ने 18 फरवरी को पुलिस की जांच से असंतुष्टी जाहिर करते हुए अदालत से सीबीआई जांच की मांग की थी। परिवार ने आरोप लगाए कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है। उन्हें जांच के नाम पर परेशान किया जाता है। अदालत ने पुलिस आयुक्त को नोटिस कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए कि केस की अभी तक की स्टेट्स रिपोर्ट अदालत में सौंपी जाए। साथ ही ये भी बताया जाए कि क्यों ना केस की जांच सीबीआई से करा दी जाए। मंगलवार को पुलिस की तरफ से दाखिल किए गए जवाब में कहा गया कि केस की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पहली एसआईटी को भंग कर नई एसआईटी का गठन कर दिया है। इसमें थाना कोतवाली प्रभारी, धौज प्रभारी और डीसीपी एनआईटी शामिल हैं। केस में फोरेंसिक की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। इसके बाद आगे की जांच की जाएगी।
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यह थी घटना
धौज थाना इलाके के गांव पावटा में पुलिस और कार में सवार युवकों के बीच कथित मुठभेड़ में पुलिस की गोली से बलराज उर्फ बलविंदर उर्फ बबलू नाम के युवक की मौत हो गई। फायरिंग के बाद पुलिस ने दो को पकड़ लिया। पुलिस का दावा था कि मृतक पर लूट और झपटमारी के चार मामले दर्ज हैं। वहीं, ग्रामीण और परिवार वालों ने इसे फर्जी मामला बताते हुए पुलिस पर हत्या का केस दर्ज करा दिया था। पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच-48 के तत्कालीन प्रभारी राकेश को सूचना मिली कि जून में डबुआ व उत्तम नगर में हुई लूट मामले में वांछित आरोपी बलराज उर्फ बलविंदर उर्फ बबलू अपने दो साथियों के साथ कार में सवार होकर सोहना की तरफ किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। पुलिस ने आलमपुर से सिलाखड़ी जाने वाली रोड पर कार को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि कार सवारों ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और फायर किए। पुलिस की तरफ से चलाई गई गोली बबलू के पेट में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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इकलौता बेटा था बलविंदर
बलविंदर उर्फ बबलू के पिता रमेश कुमार का कहना है पुलिस ने उनके बेटे की हत्या की है। वह उनका इकलौता बेटा था। घटना के दिन उन्होंने उसे मांगर गांव में पैसे लेने के लिए भेजा था। बबलू के तीन बच्चे हैं, जिनमें चार साल का बेटा शौर्य, तीन साल की बेटी इमली और करीब आठ महीने का बेटा अभिषेक शामिल है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता तरुण अरोड़ा ने बताया कि अदालत में पुलिस ने पुरानी स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी गई है। इससे पहले जिला अदालत में भी पुलिस ने यही जवाब दाखिल किया था। हाई कोर्ट ने 13 मार्च को अगली सुनवाई की तिथि दी है।
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