पहले ओपीडी के बाद मुख्य गेट को बंद कर दिया जाता था
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट (एफआरयू) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में पार्किंग में हुई डिलीवरी की घटना सामने आने के बाद अब अस्पताल में सुबह से लेकर रात तक इमरजेंसी की एंट्री केवल मुख्य गेट से ही की जाएगी। इसके साथ ही पीछे वाले गेट को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है ताकि अस्पताल परिसर में अनावश्यक आवाजाही व लापरवाही नहीं हो सके।
सेक्टर-3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट में रोजाना करीब 250 से 300 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज महिलाएं होती हैं। जो की स्त्री रोग विशेषज्ञ से उपचार करवाने के लिए आती हैं। डिलीवरी हब होने के चलते यहां पर सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाएं आती हैं।
दिन के समय गर्भवती महिलाएं मुख्य द्वार से पहली मंजिल पर बने जच्चा बच्चा केंद्र में चली जाती हैं लेकिन ओपीडी के बाद मुख्य गेट को बंद कर दिया जाता है और उसके बाद पीछे बने इमरजेंसी गेट से गर्भवती महिलाएं व मरीज जाते थे। इसी वजह से कुछ दिन पहले एक गर्भवती महिला की पार्किंग में डिलीवरी हो गई। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया और उनकी ओर से ओपीडी के रास्ते से ही पहली मंजिल पर जाने के लिए रास्ता खोल दिया गया है।
तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल
सेक्टर-3 स्थित एफआरयू में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी जीडीए सुखबीर को सेवा से बर्खास्त किए जाने के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हेल्थ एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र मोर ने कहा कि मरीज व परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। उसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीडीए सुखबीर को बर्खास्त कर दिया गया। शिकायत को लेकर कोई जांच नहीं की गई। सोमवार से जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।