बिजली-पानी संकट व बढ़े मेंटेनेंस शुल्क के विरोध में सांकेतिक शवयात्रा निकाली
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-81 स्थित बीपीटीपी डिस्ट्रिक्ट-1 के ब्लॉक-ए, बी और सी के निवासियों का शनिवार को बिल्डर के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोगों ने सांकेतिक शवयात्रा निकालकर विरोध जताया और बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान करीब 150 परिवारों ने बीपीटीपी सेल्स गैलरी पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। आरडब्ल्यूए के प्रधान सतपाल बैंसला ने बताया कि सोसाइटी में पिछले करीब दो वर्षों से सैकड़ों परिवार रह रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही हैं। उनका आरोप है कि फ्लैट खरीदते समय बिल्डर ने बेहतर बिजली, पानी और रखरखाव सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
निवासियों के अनुसार, सोसाइटी में दिन और रात दोनों समय अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी बीपीएमएस से शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
प्रदर्शन के दौरान सीबी शर्मा, विनय यादव, आशीष आनंद, मयंक जायसवाल और संदीप राणा ने आरोप लगाया कि सुविधाएं सुधारने के बजाय बिल्डर ने मेंटेनेंस शुल्क में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी। पहले जहां करीब दो हजार रुपये प्रतिमाह शुल्क लिया जाता था, वहीं अब इसे दोगुने से अधिक बढ़ा दिया गया है। निवासियों का कहना है कि बिना सहमति या चर्चा के शुल्क बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है।
शील गुप्ता, बृजकिशोर, जगवीर तंवर, जितेंद्र चावला और अनिल कुमार ने बताया कि जब वे अपनी शिकायत लेकर बिल्डर प्रतिनिधियों से मिलने पहुंचीं तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उनका कहना है कि कार्यालय पर मौजूद बाउंसरों ने धक्का-मुक्की भी की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
आरडब्ल्यूए प्रधान सतपाल बैंसला ने कहा कि निवासी शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन बिल्डर प्रबंधन उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निवासी सोसाइटी में सोलर पैनल लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि बिजली संकट कम हो सके, लेकिन इस दिशा में भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
इस संबंध में बीपीएमएस के एमडी श्याम सुंदर ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन और रखरखाव खर्च बढ़ने के कारण मेंटेनेंस शुल्क में संशोधन किया गया है। प्रबंधन के अनुसार नया शुल्क अप्रैल से लागू किया गया है, ताकि सोसाइटी में सेवाएं सुचारु रूप से जारी रखी जा सकें। शुल्क को 2.55 रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़ाकर 3.07 रुपये प्रति वर्ग गज किया गया है। साथ ही बिजली लोड बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।