- सेक्टर-31 थाना में 9 सितंबर 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली के हवाला कारोबारी के कर्मचारी का अपहरण कर 50 लाख रुपये लूटने के मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली। बल्लभगढ़ निवासी मंजीत के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर दलील दी कि जांच अधिकारी ने फर्जी डिस्क्लोजर स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया है। 10 हजार रुपये की फर्जी रिकवरी भी दिखाई गई है। पुलिस ने कोई टीआईपी नहीं कराई। 16 जनवरी 2026 से मंजीत हिरासत में है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर कैब से उपेंद्र का अपहरण कर 50 लाख रुपये लूटे। वारदात में प्रयोग की गई कार आरोपी से बरामद हुई है। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन भी अपहरण की जगह पर मिली। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी का जमानत याचिका खारिज कर दी।
सेक्टर-31 थाना में एफआईआर 9 सितंबर 2025 को दर्ज हुई थी। जांच में सामने आया कि दिल्ली के हवाला कारोबारी तारा चौधरी के ऑफिस में उपेंद्र काम करता था। तारा चौधरी के कहने पर ही उपेंद्र फरीदाबाद से 50 लाख रुपये लेकर दिल्ली जा रहा था, तभी रास्ते में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि तारा चौधरी के पास काम करने वाले एस बख्शी ने ही रुपयों की टिप आरोपी विनीत को दी। विनीत ने अपने साथ रविश, अजीत, उमरेश, मंजीत व सुमित को साजिश में शामिल कर वारदात को अंजाम दिया।