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Faridabad News: जिले में हीमोफीलिया के 70 मरीज, सीमित सुविधाओं और दवाओं की कमी से बढ़ी चिंता

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विश्व हीमोफीलिया दिवस
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जिले में अधिकांश मरीज फैक्टर-8 की कमी से ग्रसित, सुविधाओं ने विस्तार की मांग

नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जिले में हीमोफीलिया के लगभग 70 मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें से 66 मरीज फैक्टर-8 की कमी (हीमोफीलिया-ए) से पीड़ित हैं, जबकि बाकी मरीज फैक्टर-9 की कमी से जूझ रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल में डे-केयर सेंटर के माध्यम से फैक्टर-8 और 9 के इंजेक्शन कम लागत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिल रही है। हालांकि, कई बार इंजेक्शन उपलब्ध न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक गंभीर आनुवांशिक रक्तस्राव विकार है, जिसमें समय पर क्लॉटिंग फैक्टर न मिलने पर बार-बार होने वाला रक्तस्राव जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है और विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है। हरियाणा में करीब 1051 हीमोफीलिया मरीज हैं।
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बीके अस्पताल में इंजेक्शन न मिलने से लोग परेशान
हीमोफीलिया से ग्रसित गोविंद ने बताया कि उन्हें अस्पताल में फैक्टर-8 इंजेक्शन नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। हीमोफीलिया वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य विकास शर्मा ने बताया कि कई जिलों में फैक्टर-8 और 9 की नियमित उपलब्धता नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों व प्रशिक्षित स्टाफ की कमी भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाती है। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया वेलफेयर सोसाइटी ने सभी जिला अस्पतालों में क्लॉटिंग फैक्टर की नियमित आपूर्ति, प्रोफिलैक्सिस थेरेपी और फिजियोथेरेपी सुविधाओं के विस्तार की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा 54 करोड़ रुपये के बजट में वृद्धि सकारात्मक कदम है, लेकिन इसका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।


बॉक्स स्टोरी : ब्रेन स्ट्रोक के बाद दवाओं के लिए जूझता परिवार
हीमोफीलिया से ग्रसित मरीज विनीत को चार दिन पहले ब्रेन स्ट्रोक आया। पहले उन्हें पलवल के जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके बाद उन्हें एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में केवल ड्रिप दी जा रही, क्योंकि आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं थीं। मामला सामने आने पर डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने अधिकारियों को तलब कर दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन परिजनों ने बताया कि दवाएं शनिवार तक मिलने की बात कही गई है, जिससे उनकी चिंता बनी हुई है।
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अस्पताल में सभी प्रकार के मरीजों के लिए इंजेक्शन उपलब्ध हैं लेकिन केवल समस्या होने के बाद उपचार की अनुमति है, न कि पहले से बचाव (प्रोफिलैक्सिस) के लिए। इसी कारण कई लोग इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हैं। -डॉ. एसएस दहिया, हीमोफीलिया नोडल अधिकारी
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