फरीदाबाद। कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके दिव्यांग किशोर को हरियाणा सरकार ने गोद ले लिया है। रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुग्राम स्थित दीपाश्रम में किशोर से मिलने पंहुचे। उन्होंने आश्रम संचालकों से किशोर का हालचाल पूछा और उसके इलाज का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। अमर उजाला ने 26 मई के अंक में दिव्यांग किशोर की खबर को प्रमुखता से छापा था। जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने किशोर को गोद लिया है।
जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने किशोर से जुड़ी सारी जानकारी चंडीगढ़ भेज दी है। उन्होंने बताया कि सरकार इस तरह के बच्चों के बारे में डाटा एकत्रित कर रही है। जिले से अभी तक का यह पहला मामला है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों से इसकी जानकारी मांगी है कि कोरोना महामारी से जिन बच्चों के माता-पिता का देहांत हो गया है उनके बारे में डाटा उपलब्ध कराया जाए। डबुआ निवासी किशोर के पिता के देहांत 14 मई को कोरोना के कारण हो गया था। इस गम को उसकी मां बर्दाश्त नही कर पाई और 21 मई को उसने फंदा लगाकर जान दे दी।
पुलिस ने किशोर को एनआईटी स्थित चाइल्ड वेलफेयर सेंटर के हवाले कर दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य रविंदर ने बताया कि जब वह बीके अस्पताल पंहुचे तो किशोर की हालत दयनीय थी। माता-पिता की मौत के कारण उसने खाना-पीना छोड़ दिया था। इससे उसका शुगर लेवल काफी गिर गया था। किशोर का इलाज करवाने के बाद रविंदर ने गुरुग्राम चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य से संपर्क किया। इसके बाद उसे गुरुग्राम की दीपाश्रम से संस्था को सौंप दिया गया।
ऐसे मामलों की जानकारी के लिए अभियान चलाएगी सरकार
जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि इस तरह के मामलों के लिए सरकार जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। किसी भी इलाके में यदि किसी के साथ इस तरह की घटना हुई है जिसमें कोरोना के कारण बच्चे के माता पिता का देहांत हो गया है तो बच्चे के परिजन या कोई भी पड़ोसी अपने नजदीकी सरकारी विभाग में इसकी जानकारी दे सकता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी भी सरकारी विभाग जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस थाना, सरकारी अस्पताल, बीडीओ कार्यालय या जो भी सरकारी विभाग नजदीकी हो उसमें जानकारी दी जा सकती है। इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय तक पहुंच जाएगी। डबुआ कॉलोनी निवासी किशोर की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।