राशन कार्ड कटने और आय अधिक दर्ज के मामलों पर लोगों ने उठाई आपत्ति
निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में इस बार अधिकतर शिकायतें राशन कार्ड कटने, पेंशन न बनने और परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दिखाए जाने से संबंधित रहीं। समाधान शिविर में कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतें सीआरआईडी, नगर निगम, राजस्व, डीएचबीवीएनएल, सिंचाई, शिक्षा और सहकारिता विभाग से जुड़ी रहीं। सीटीएम अंकित कुमार ने सभी मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
बल्लभगढ़ निवासी आशा ने बताया कि फैमिली आईडी में उनकी सास रामवती की विधवा पेंशन 3200 रुपये दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन उसकी जगह रिटायर्ड पेंशन 24000 रुपये दिखाई गई है। वहीं उनके देवर योगेंद्र, जो मजदूरी का काम करते हैं, उनकी आय तीन से पांच लाख रुपये दर्ज कर दी गई है। इस गलत एंट्री के कारण परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन गलतियों को सुधार करवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
सोतई निवासी शमशेर ने बताया कि उनका राशन कार्ड करीब छह महीने पहले काट दिया गया, जबकि वे पिछले पांच वर्षों से इसे बनवाने के लिए प्रयासरत थे। उनका कहना है कि एक साल पहले ही राशन कार्ड बना और फिर छ महीने पहले काट दिया गया। राशन कार्ड यह कहते हुए काट दिया गया कि उनके नाम पर लगभग आधा एकड़ जमीन दर्ज है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह एसडीएम कार्यालय और इसके बाद सीएम विंडो पर भी शिकायत दी थी। वहां से जब कोई हल नहीं निकला तो वह तीन बार से समाधान शिविर आ रहे हैं। यहां भी उन्हें आश्वासन दिया गया।
सेक्टर-30 निवासी वेद प्रकाश ने बताया कि उनके दिव्यांग बेटे प्रेमराज की पेंशन पिछले तीन वर्षों से नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि परिवार पहचान पत्र में बेटे की आय लगभग 1.40 लाख रुपये दिखाई गई है, जबकि वास्तविकता में वह कोई कमाई नहीं करता। इस कारण उनके बेटे की पेंशन नहीं बन रही। परिवार में सात सदस्य हैं और वे ही एकमात्र कमाने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली का बिल भी बेटे के नाम पर आ रहा है, जबकि उसकी कोई आय नहीं है।
बाटा क्षेत्र निवासी विवेक ने बताया कि उनकी मां लक्ष्मी की वृद्धावस्था पेंशन नहीं बन पा रही है। उन्हें कई बार प्रक्रिया के लिए बुलाया गया, लेकिन अब उनसे उनकी मां के स्कूल का टीसी मांगा जा रहा है, जबकि उनकी मां अशिक्षित हैं। वे इस समस्या को लेकर तीन बार समाधान शिविर में आ चुके हैं।
आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही
बल्लभगढ़ निवासी रानी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में उनकी पारिवारिक आय बढ़ाकर दर्ज कर दी गई है, जिसके कारण उनका राशन कार्ड काट दिया गया। करीब सात महीनों से उनका नाम काटा गया है। उनका कहना है कि परिवार में कमाने वाले अकेले पति हैं, लेकिन अब वे भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।