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Faridabad News: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे..सफर में अभी लंबा समय

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बीते दो वर्ष में फरीदाबाद में हुआ केवल 20 फीसदी काम, पक्के मकान, बिजली के पोल बन रहे बाधा
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शशि
फरीदाबाद। सेक्टर- 65 में अमर उजाला की टीम रविवार को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की पड़ताल करने करने पहुंची। टीम जब दोपहर एक बजे सेक्टर- 65 पहुंची तो पता चला कि वहां पर नोएडा जेवर हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए सेक्टर- 65 में साहुपुरा गांव के पास अंडर पास का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा यहां पिलर पर एक दो जगह गर्डर रखे गए हैं। एक्सप्रेस-वे के काम के बीच कई रुकावटें बाधा बनी हुई हैं।

सेक्टर- 62 और 65 कट के बीच एलिवेटेड रोड का पिलर आने से यहां भविष्य में लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ सकता है। यहां दो एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के बीच कई पक्के मकान, एक बैंक्वेंट हॉल और बिजली के पोल बाधक बने हुए हैं। हालांकि, यहां अभी काफी काम बाकी है। फरीदाबाद में पड़ने वाले लगभग 24 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम काम पूरा होने में अभी करीब डेढ़ से दो वर्ष का समय लग सकता है। वहीं, मोहना में एक्सप्रेसवे का कुछ खास काम देखने को नहीं मिला। यहां केवल रोड बनाने के लिए केवल मिट्टी बिछाने का काम किया जा रहा है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि मोहना में किसानों द्वारा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर कट की मांग को लेकर धरने के कारण फरीदाबाद में अभी 20 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है।
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तय योजना के तहत काम चलता तो सितंबर तक बन जाता एसप्रेसवे
एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए 27 सितंबर सन् 2022 को निर्माण कर रही कंपनी एपको कंस्ट्रक्शन के साथ समझौता किया था। समझौते वाले दिन से इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 730वें दिन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। तय समयावधि के मुताबिक इसका निर्माण कार्य इस साल सितंबर माह तक पूरा हो जाना था। यदि किसानों की मांग को पहले ही मान लिया जाता तो इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो जाता। अब तक इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य करीब 20 फीसदी ही हुआ है।


इन कारणों से रुका रहा काम
एनएचएआई अधिकारियों की मानें तो एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का धरना ही एक बाधा नहीं थी बल्कि मास्टर प्लान-2031 को लेकर भी अड़चन बनी हुई थी। इस एक्सप्रेसवे की वजह से मास्टर प्लान में अड़चन के कारण गत वर्ष सेक्टर-65 से लेकर आठ किलोमीटर तक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई थी। जिसकी मंजूरी मिलने में काफी समय लेगा। एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की अब मंजूरी मिली है। इसके बाद सेक्टर-65 के पास इंटरचेंज का निर्माण कार्य शुरू हुआ है।


तीन हाइवे से जुड़ेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे...
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ेगा। दिल्ली एयरपोर्ट से गुरुग्राम, फरीदाबाद, राजमार्ग से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रस-वे द्वारा साहूपुरा आईएमटी चौक पर पहुंच कर सीधे नोएडा एयरपोर्ट जा सकेंगे। नोएडा एयरपोर्ट को जाने वाला ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से राष्ट्रीय राजमार्ग फरीदाबाद, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल-(केजीपी) एक्सप्रेस-वे(ईस्टर्न पेरिफेरल कारीडोर), यमुना एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा।

दो वर्ष में बनाकर तैयार किया जाएगा...
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का ठेका एपको इंफ्राटेक कंपनी को दिया गया है। इसके निर्माण पर 1660.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कंपनी ने वर्ष 2023 में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू किया था।
इसके बाद कई जगह पर जमीन में बोर करके मिट्टी-पानी का परीक्षण किया गया। इस दौरान काम काफी समय तक प्रभावित रहा। वर्ष 2023 के अंत में काम शुरू किया गया था। तब एनएचएआई अधिकारियों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की डेडलाइन वर्ष 2024 सितंबर माह रखी थी।
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वर्जन

फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम रुकने के कई कारण रहे। इसमें किसानों का प्रदर्शन से लेकर कब्जे भी शामिल है। जो समय पहले खराब हुआ है। वो समय तो अब लोगों को देना पडेगा। अभी केवल 20 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है।

-धीरज सिंह, डीजीएम एनएचएआई।
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