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Faridabad News: पोते ने दिखाई समझदारी, बची पांच लोगों की जान

Fri, 24 May 2024 10:33 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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- पहले खाईं नींद की गोलियां फिर परिवार के छह सदस्यों ने काटी नस, सूदखोरों से थे परेशान
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निभा रजक

फरीदाबाद। शहर के पॉश सेक्टर में एक ही परिवार के छह लोगों नींद की दवाइयां खाकर अपनी-अपनी नस काट ली। इसमें श्यामलाल की मौत हो गई है, जबकि अन्य लोग निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। आत्महत्या की सूचना श्याम लाल के पोते हिमांक गोयल ने सुरक्षाकर्मी को दी। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हिमांक गोयल की सूझबूझ से पांच लोगों की जान बच गई।

पुलिस और पड़ोसियों के अनुसार सेक्टर-37 मकान नंबर-406 में रात करीब 11 बजे कुछ युवक आए और सुरक्षाकर्मी के साथ धक्का-मुक्की की। विरोध पर सुरक्षाकर्मी नानक दुबे को दिल्ली स्थित लाजपत नगर में छोड़ दिया। अनिरुद्ध पर करीब 40 करोड़ रुपये का कर्ज था, नोएडा स्थित कंपनी भी घाटे में चल रही थी। अनिरुद्ध पर पैसा वापस करने के लिए सूदखोर दबाव बना रहे थे। बृहस्पतिवार देर रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ। पड़ोसी विवेक गुप्ता ने बताया कि देर रात अचानक पुलिस की गाड़ी और एम्बुलेंस की आवाज आने लगी। बाहर देखा तो एक साथ पूरा परिवार घायल था। सभी को पुलिस ने सेक्टर-21ए स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। श्याम गोयल की मौत हो गई है और अन्य सभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। श्याम गोयल के दामाद सभी का उपचार करा रहे हैं।
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सदमे में था श्याम गोयल का बेटा
श्याम गोयल, उनकी पत्नी साधना गोयल, बेटा अनिरूद्ध, बहू निधि, पोता धनंजय तथा हिमांक ने एकसाथ नस काट ली। पड़ोसी विवेक गुप्ता ने बताया कि जब घर का दरवाजा खुला तो अनिरूद्ध सदमे में था। वह कुछ भी बोलने में समर्थ नहीं था। वहीं, पुलिस के मुताबिक परिवार के सदस्यों ने नींद की गोलियां खाईं हुईं थीं। गोयल परिवार काफी सामाजिक था, सेक्टर में आयोजित होने वाले सभी सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन में हिस्सा लेते थे। परिवार का दिल्ली में घी का कारोबार था।

सिक्योरिटी ऐसी कि रिमोट से खुलता है प्रवेश द्वार

श्याम गोयल के घर के बाहर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनकी ड्यूटी तीन बार बदलती है। तीन विदेशी कुत्ते पाले हुए थे। घर का प्रवेश द्वार रिमोट के माध्यम से अंदर से खुलता था। परिवार के अलावा केवल सुरक्षाकर्मी ही ऐसे थे जो दरवाजा खोल सकते हैं। फेस लॉक भी लगाया गया था।
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तनाव से बचने के लिए काउंसलर से करें संपर्क

जिला नागरिक अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. धर्मवीर नेहरा ने बताया कि वर्तमान में लोग तनाव के शिकार हो रहे हैं। तनाव बहुत खतरनाक बीमारी है, इसकी चपेट में आकर लोग गलत कदम उठा रहे हैं। इससे बचने के लिए काउंसलर से संपर्क करें और इलाज कराएं। स्वयं को व्यस्त रखें और परिवार के साथ बातचीत करें। बीके अस्पताल में निशुल्क काउंसलिंग की जाती है। मानसिक रोग से बचाव के लिए मन पसंद चीजों को करें और खुश रहें।
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