बागपुर में हुई किसानों की सयुक्त पंचायत, लैंड पूलिंग योजना का किया विरोध, 18 अगस्त को देंगे ज्ञापन
किसानों का आरोप—सरकार बिना मुआवजे जमीन लेना चाहती,
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बागपुर में रविवार को करीब 15 गांवों की संयुक्त पंचायत आयोजित हुई, जिसमें किसानों ने हरियाणा सरकार की लैंड पूलिंग योजना का कड़ा विरोध किया। पंचायत की अध्यक्षता डीके शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन राजबीर सिंह ने किया। पंचायत में सतबीर मैनेजर ने योजना की रूपरेखा बताते हुए कहा कि स्कीम के तहत अगर किसान की एक एकड़ जमीन जाती है, तो बदले में केवल 800 से 1200 गज जमीन ही वापस मिलेगी और किसी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा।
किसान नेता रवि आजाद ने आरोप लगाया कि सरकार करीब 35 हजार एकड़ जमीन हड़पना चाहती है। उन्होंने कहा कि योजना में 3 साल का समय बताया जा रहा है, लेकिन संभावना है कि जमीन 10 साल तक भी विकसित न हो। किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई भी अपनी जमीन योजना पोर्टल पर पंजीकृत नहीं करेगा। 18 अगस्त को सभी गांवों के लोग एसडीएम/तहसीलदार को ज्ञापन सौंपेंगे। पंचायत में नारा दिया गया ''जान देंगे, जमीन नहीं देंगे।''
बैठक में गुड्डू सरपंच, ईश्वर नंबरदार, लखमी सरपंच, फुडा, सुरेश चंद, मुकेश, वीरेंद्र, दानी सरपंच, ओमी सरपंच, बसंत, पप्पू फौजी, महावीर, जीत सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। पंचायत में युवाओं को भी अपील की गई कि वे लैंड पूलिंग पॉलिसी के फायदे और नुकसान को समझें, ताकि भविष्य में पछताना न पड़े। पंचायत ने कहा कि इस नीति पर सहमति से पहले हर किसान और युवा को इसकी पूरी जानकारी होना जरूरी है।
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