सूरजकुंंड परिसर में आयोजित होगा तीन दिवसीय कार्यक्रम, देश भर से 5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प सूरजकुंड मेले से पहले सूरजकुंंड परिसर में गुर्जर महोत्सव का 23 से 25 दिसंबर तक आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में पूरे देश से गुर्जर समाज के 5 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इस कार्यक्रम में गुर्जर समाज की प्राचीन विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने की तैयारी है। इस दौरान दर्शकों को गुर्जर समाज के नृत्य, गीत-संगीत, भोजन और पहनावे की संस्कृति देखने को मिलेगी। मेले में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की भी उम्मीद है।
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इन प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
गुर्जर महोत्सव के दौरान रागनी, होली गायन, लोकगीत और संगीत, लोकनृत्य, नगाड़ा नृत्य प्रतियोगिता, कश्मीरी नृत्य, पंजाबी गुर्जर नृत्य, हिमाचली गुर्जर गायन, बृज होली, गुर्जर गायन, मुगदड़ प्रतियोगिता, गुर्जर कवि-कवयित्री पाठ, पारंपरिक गुर्जरी वेशभूषा, घाघरा नृत्य, कलाकृतियां, स्कूली बच्चों के मध्य चित्रकला, निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 1857 क्रांति में गुर्जर जाति का योगदान पर चर्चा के साथ, गुर्जर व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के उत्पाद, प्रसिद्ध हस्तकलाकारों के उत्पादों की प्रदर्शनी, गुर्जरी रैंप शो, गुर्जर इतिहास पर रचित साहित्य का स्टाॅल, संगठनों के अलग-अलग पंडाल सहित अन्य कलाकृतियां देखने को मिलेंगी।
अलग-अलग मंच पर होंगे कार्यक्रम
गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट दिवाकर बिधूड़ी ने कहा कि सर्व समाज के सामने ऐसा आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को इस प्राचीन संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी। गुर्जर महोत्सव में अलग-अलग मंच पर अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें गुर्जर समाज के परंपरागत लोकगीत लोक, संगीत, नृत्य से लेकर रेपर तक के कार्यक्रम देखने को मिलेंगे। गुर्जर महोत्सव आयोजन का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम के माध्यम से गुर्जर जाति की समृद्धशाली संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, कला एवं विरासत को विभिन्न रूपों में प्रदर्शित करना है। मेले में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक समस्त गुर्जर समाज के रहन सहन, खान पान, परिधान एवं आभूषणों का अवलोकन कर सकते हैं।