- चार में से केवल एक स्कूल में पहुंचीं ड्यूल डेस्क, बच्चों ने कहा- चटाई पर बैठने से कपड़े हो जाते हैं खराब
सद्दाम हुसैन
पिनगवां। शिक्षा के बेहतर माहौल और बच्चों को सुविधाएं देने के दावे उस समय सवालों के घेरे में आ जाते हैं, जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मासूम विद्यार्थियों को बैठने के लिए ड्यूल डेस्क तक उपलब्ध नहीं होती। पिनगवां कस्बे के तीन सरकारी स्कूलों में बच्चे आज भी जमीन पर चटाई बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विभाग को कई बार मांग भेजने के बावजूद इन स्कूलों में ड्यूल डेस्क नहीं पहुंची हैं। ऐसे में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे में चार सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें प्राइमरी बॉयज स्कूल, गर्ल्स प्राइमरी स्कूल, गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इनमें से केवल बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए ड्यूल डेस्क पहुंची हैं। बाकी तीन स्कूलों के बच्चे अभी भी जमीन पर चटाई बिछाकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्राइमरी स्कूल में 289 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में करीब 400 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
विद्यार्थी अनस खान, कासिम खान, नाजिम खान, मौसम खान, साजिद खान आदि ने बताया कि जमीन पर चटाई बिछाकर बैठने से उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। लंबे समय तक जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने में भी परेशानी होती है। बच्चों का कहना है कि स्कूल में ड्यूल डेस्क उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे आराम से बैठकर पढ़ाई कर सकें।
-ड्यूल डेस्क के लिए विभाग को कई बार मांग भेजी जा चुकी है। बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ड्यूल डेस्क पहुंच चुकी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बाकी स्कूलों में भी ड्यूल डेस्क उपलब्ध होंगी, जिससे बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने की परेशानी से राहत मिलेगी।
- हरीश चंद, मुख्य अध्यापक ।