प्रीपेड टास्क, पानी कनेक्शन कटने आदि के बहाने दिया वारदात को अंजाम
साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ में 2, सेंट्रल में 1 और एनआईटी में 2 एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर अपराधियों ने शहर के 5 लोगों से अलग-अलग बहाने से 7.72 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने प्रीपेड टास्क पर मुनाफे, पानी कनेक्शन कटने के बाद चालू करने, क्रेडिट कार्ड पर चाकू पॉलिसी को हटाने समेत अन्य बहाने से ये ठगी की हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ में 2, सेंट्रल में 1 और एनआईटी में 2 एफआईआर दर्ज कर टीम ने मामलों में जांच शुरू की है।
पहले मामले में बल्लभगढ़ निवासी गौरव ने पुलिस को शिकायत दी है कि 7 अप्रैल को उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके आरबीएल क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ पॉलिसी चालू हो गई है, इसका चार्ज लगेगा। इसे हटाने के नाम पर एप का लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद कार्ड की डिटेल डाली तो कार्ड से 102033 रुपये कट गए। तब ठगी का अहसास हुआ। मामले में साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
दूसरे मामले में बल्लभगढ़ सेक्टर-2 निवासी हेमंत ने शिकायत दी है कि 10 अप्रैल को उन्हें व्हाट्सएप पर लिंक आया। जिसमें होटल की रेटिंग देने का टास्क था। बाद में इन्हें टेलीग्राम लिंक भेजकर वहां प्रीपेड टास्क में निवेश पर मुनाफे का झांसा दिया और 270800 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में रिफंड नहीं मिला। साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।
तीसरे मामले में ओल्ड फरीदाबाद की रहने वाली युवती को कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया। फिर टेलीग्राम एप डाउनलोड कराकर लिंक शेयर कर उन्हें लाइक करने का टास्क दिया गया। बाद में प्रीपेड टास्क में मुनाफे का झांसा देकर युवती से 157798 रुपये ठग लिए गए। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।
चौथे मामले में डबुआ कॉलोनी निवासी कौशल ने शिकायत दी है कि इनके पिता फरीदाबाद से बाहर गए हुए थे। इस दौरान पिता के बैंक खाते से यूपीआई के जरिये 4 ट्रांजेक्शन में 99031 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इनका कहना है कि पिता ने ये ट्रांजेक्शन नहीं की। मामले में साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पांचवें मामले में सेक्टर-49 निवासी गुरुप्रसाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इनका खुद का बिजनेस है। 17 अप्रैल को इनके पास एक नंबर से कॉल आई और आरोपी ने खुद को पानी विभाग का कर्मचारी बताकर कहा कि आपका पानी का कनेक्शन कट गया है। आरोपी ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजा। फिर वीडियो कॉल कर बताता रहा कि लिंक पर कैसे 10 रुपये की ट्रांजेक्शन करनी है ताकि कनेक्शन फिर से चालू किया जा सके। इसी दौरान मोबाइल हैक कर आरोपी ने खाते से 142701 रुपये ट्रांसफर कर लिए। मामले में साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।