फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: शॉपिंग, एपीके फाइल और बीमा खत्म करने के नाम पर ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन
चार लोगों के बैंक खातों से 8.35 लाख रुपये उड़ाए, संबंधित थानों की पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। साइबर ठगी के अलग-अलग मामलों में चार लोगों से करीब 8.35 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। साइबर ठगों ने कहीं ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर रिफंड का झांसा देकर रकम ट्रांसफर कराई, तो कहीं मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर बैंक खातों से पैसे निकाल लिए। एक मामले में क्रेडिट कार्ड का इंश्योरेंस खत्म करने के नाम पर लिंक भेजकर खाते से रकम निकाल ली गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि शनिवार को सभी मामलों में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
रिफंड के नाम पर 84,355 रुपये की ठगी
साइबर क्राइम सेंट्रल थाना क्षेत्र में सेक्टर-28 निवासी वीना सेठी से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से खरीदारी के लिए संपर्क किया गया था। शुरुआत में 2000 रुपये का भुगतान कराया गया। इसके बाद 6 सितंबर को डिलीवरी वेरिफिकेशन के नाम पर फोन किया गया। आरोपियों ने रिफंड और वेरिफिकेशन के बहाने यूपीआई भुगतान करवाए। करीब 25 मिनट के भीतर नौ अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से 84,355 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
विज्ञापन

एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही फोन हैक
सेक्टर-28 निवासी एनटीपीसी सेवानिवृत्त कर्मचारी कंवल किशोर ने शिकायत में बताया कि 15 सितंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अनजान मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी। उन्होंने फाइल इंस्टॉल कर ली। इसके बाद उनके एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक खातों से कुल रकम 4 लाख 33 हजार 850.24 रुपये कट गए।


लिंक भेजकर महिला से 2.39 लाख की ठगी

बाटा पेट्रोल पंप निवासी कल्पना ने बताया कि 17 सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल करने वाले ने खुद को यस बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से बताया और कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर इंश्योरेंस लगा हुआ है। महिला के अनुसार इंश्योरेंस हटाने के लिए आरोपी ने एक लिंक भेजा। उन्होंने लिंक खोलकर क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी भर दी। कुछ समय बाद उनके खाते से कुल 2 लाख 39 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए।
विज्ञापन


सेक्टर-43 निवासी से 77 हजार 998 रुपये ठगे
सेक्टर-43 अनंगपुर निवासी अभिनव मनोचा ने बताया कि 14 सितंबर को उन्होंने एक ऑनलाइन वेबसाइट से ऑर्डर किया था। इसके लिए व्हाट्सएप पर बातचीत हुई और क्यूआर कोड के माध्यम से पहले 2,000 और फिर 1,000 रुपये का भुगतान किया।बाद में डिलीवरी बॉय के नाम से संपर्क कराया गया और 4,999 रुपये सिक्योरिटी जमा करने के लिए कहा गया। इसके बाद 5,000 रुपये का भुगतान भी कराया गया। इस दौरान 77 हजार 998 रुपये की ठगी हो गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें