इमरजेंसी व्यवस्था में लापरवाही बरतने और बिजली चोरी के मामले में अस्पताल प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
हेमलता
बल्लभगढ़। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था में लापरवाही बरतने और बिजली चोरी के मामले में अस्पताल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन की ओर से चार नर्सों को निलंबित कर दिया गया है।
निदेशक डॉ. देवेंद्र अटल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज होने के चलते हर वर्ष 100 विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। विद्यार्थियों को कॉलेज में रहने की कोई परेशानी न हो, इसलिए हॉस्टल की सुविधा भी दी हुई है। पहले विद्यार्थियों की संख्या कम होने के चलते कुछ हॉस्टल खाली पड़े हुए थे। इस वजह से अस्पताल में काम करने वाले 32 नर्सिंग स्टॉफ को हॉस्टल दे दिया गया। अब साल 2026 के दाखिले हो चुके हैं। विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल चाहिए होंगे, इसलिए 32 नर्सिंग स्टाफ को नोटिस जारी कर हॉस्टल खाली करने के आदेश दिए गए। नोटिस मिलने के बाद 32 नर्सों में से 15 ने हॉस्टल खाली कर दिया है, जबकि अन्य नर्सों ने हॉस्टल खाली नहीं किया। उन्हीं नर्स की ड्यूटी को इमरजेंसी में लगाया गया है। उनका आरोप है कि नोटिस मिलने के बाद नर्स इमरजेंसी में ड्यूटी सही से नहीं कर रही थीं। कई बार चेतावनी भी दी गई जिसके बाद कार्रवाई करते हुए तीन नर्स को सस्पेंड किया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नर्स पूनम को हॉस्टल में रहने की अनुमति दी हुई थी। कुछ समय पहले बिजली में कोई समस्या आने के बाद वह बिजली चोरी करके रहने लगी। इसके बारे में जब बिजली विभाग और अस्पताल प्रशासन को पता चला तो निरीक्षण के दौरान बिजली चोरी का मामला सामने आया जिसके बाद प्रशासन की ओर से नर्स को सस्पेंड कर दिया गया। निदेशक डाॅ. देवेंद्र अटल का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण जगह पर तैनात स्टाफ की लापरवाही से मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।