तीन दिन से सफेद चादर में लिपटा हुआ है जिला, ट्रेन न मिलने पर बस स्टैंड पर बढ़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। तीन दिनों से जारी कोहरे के कहर से लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से एक ओर सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो रहा है वहीं, दूसरी ओर तिलहन समेत कुछ फसलों पर भी इसका असर दिखने लगा है। हालात यह है कि पलवल रेलवे स्टेशन पर दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें ढाई से तीन घंटा देरी से चल रही हैं, इससे पांच हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित हो रहे हैं। समय पर ट्रेन न मिलने से यात्री बसों और अन्य निजी यातायात के साधनों का सहारा ले रहे हैं। इस कारण पलवल बस अड्डे पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है।
बता दें कि जिले में पिछले एक सप्ताह से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। जिले का न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री चल रहा है। तीन दिनों से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। सुबह और शाम वातावरण में कोहरा छा रहता है। केवल दोपहर 12 बजे के बाद कुछ हद तक राहत मिलती है, लेकिन शाम पांच बजे के बाद फिर से दृश्यता कम होने लगती है। इसका सीधा असर सड़क व रेल यातायात पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर पड़ रहा है। पलवल रेलवे स्टेशन पर ठहरने वाली सभी ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं।
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12 से ज्यादा ट्रेनें पहुंच रहीं देरी से
पलवल रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों के अलावा एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता है। 12 से ज्यादा ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन रुकती है। इसके अलावा लोकल ईएमयू भी यहां से संचालित होती है। दिल्ली-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुबह 10:30 बजे रहता है, यह 12:30 से एक बजे तक पहुंच रही है। मथुरा से दिल्ली जाने वाली दो ईएमयू ट्रेन दो घंटे तक देरी से पहुंच रही है। इन ट्रेनों का समय सुबह 6:50 व 7:30 बजे का है। जो कि 8:30 से नौ बजे तक पहुंच रही है। दिल्ली से आने वाली ईएमयू भी एक से डेढ़ घंटे देरी से पलवल पहुंच रही है।
निजी यातायात के साधनों का सहारा लेने को मजबूर यात्री
सामान्य यात्री तो ट्रेनों के देरी से चलने से परेशान हैं और वैकल्पिक साधनों का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन इनसे ज्यादा परेशानी ट्रेनोें से रोजाना आने-जाने वालों को हो रही है। जिले से कई लोग रोजाना ट्रेन के माध्यम से ड्यूटी पर जाते हैं। वह निजी यातायात के साधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं। क्योंकि बस स्टैंड पर भी उनके हिसाब से बसों का समय उचित नहीं बैठता। कोहरे के कारण बस स्टैंड पर बस भी तय समय तक नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए यात्री ईको कार, जीप व प्राइवेट बसों में सफर करने कर रहे हैं।
कोहरे के कारण ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं। यात्रियों से अपील है कि एप के माध्यम से ट्रेनों की स्थिति का जायजा लेते रहें। स्टेशन पर आकर भी ट्रेनों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। पलवल से चलने वाली ईएमयू अपने निर्धारित समय पर चल रही है, जबकि दिल्ली से आने वाली ईएमयू देरी से आ रही है। -अरुण कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक पलवल
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पलवल में आज भी नहीं दिखेंगे सूर्यदेव
पलवल में आज भी सूर्यदेव के दर्शन होने की संभावना बहुत कम है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बादल छाए रहने की आशंका है। न्यूनतम तापमान 11 व अधिकतम तामपान 17 डिग्री तक रहेगा। इस दौरान शीतलहर लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। सुबह कोहरा रहने की भी प्रबल संभावना है।
ठंड व कोहरे से गेहूं को फायदा, तिलहन को नुकसान
होडल। कोहरे के कारण गेंहू सहित अन्य फसलों को फायदा हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो निरंतर कोहरे के कारण कीटों के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार एक-दो दिन कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन 72 घंटे से अधिक रहने से इसका दुष्प्रभाव फसलों पर पड़ रहा है। इससे गेहूं को फायदा और तिलहन की फसल को नुकसान है। विशेषज्ञों के अनुसार कोहरा लगातार 72 घंटों से अधिक रहने से फसलों में माहों जैसे कीट के लगने की संभावना बढ़ जाती है। किसान फसलों को पाले से बचाव के लिए खेत में नमी बरकरार रखें और खेत के चारों ओर धुआं करें। वहीं, माहों कीट से बचाव के लिए निगरानी करते रहें, जैसे ही इन कीटों का प्रकोप नजर आए कीटनाशक का छिड़काव करें।
पाला पड़ने से फसल को काफी नुकसान होता है। विशेष रूप से तिलहन की फसलें इससे प्रभावित होती है। जिस दिन ठंड अधिक हो, शाम को हवा का चलना रुक जाए, रात को आकाश साफ हो तो उस रात कोहरा पड़ने की संभावना अधिक होती है। कोहरे से आलू, टमाटर, बैंगन, मटर, सरसों, अलसी, धनिया फसलें को नुकसान होता है। इनका विशेष ध्यान रखें -महावीर मलिक, कृषि विशेषज्ञ