सभी क्षेत्रों में समान रूप से आपूर्ति के लिए आईआईटी दिल्ली से कराया जाएगा सर्वे, जल्द होगा काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से जल्द ही आईआईटी दिल्ली से सर्वे कराया जाएगाा। सर्वे के आधार पर समान रूप से पानी का वितरण किया जाएगा, जिससे किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न रहे। साथ ही यमुना किनारे निर्माणाधीन दो रेनीवेल से भी दिसंबर तक पेयजल आपूर्ति शुरू होने पर शहर वासियों को काफी राहत मिलेगी।
शहर में पेयजल समस्या को लेकर अमर उजाला की ओर से पिछले चार दिनों से विशेष अभियान चलाया जा रहा था। अभियान के तहत अमर उजाला ने लोगों की पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिसमें पेयजल समस्या की मुख्य वजह, किन-किन क्षेत्रों में ज्यादा समस्या, शहर में भूजल की स्थिति, निजी टैंकर माफियाओं का कब्जा, घरों में चल रहे अवैध आरओ प्लांट संबंधित खबरें प्रकाशित की। शहर में पेयजल आपूर्ति का कार्य देख रहे फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) और नगर निगम अधिकारियों से समस्या के समाधान को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर में पेयजल की आपूर्ति यमुना किनारे लगे 22 रेनीवेल से होती है। वहीं, शहर के अंदर 1700 ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जिनसे पानी की सप्लाई नगर निगम करता है। जिले में प्रतिदिन 450 एमएलडी पानी की मांग है, लेकिन निगम हर रोज 350 एमएलडी पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। यानी की कुल 110 एमएलडी पानी की अभी कमी है, जिस कारण लोग निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। गर्मियों के सीजन में समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बड़खल और एनआईटी विधानसभा में होती है, क्योंकि रेनीवेल पूर्वी दिशा में लगे हैं। वहां से पानी पाइप लाइनों के माध्यम से पश्चिमी हिस्से तक पहुंचाया जाता है। लेकिन पश्चिमी हिस्से तक पानी आते-आते कम हो जाता है, क्योंकि रास्ते में इतने सारे सेक्टर और क्षेत्र हैं, पानी वहीं पर ही खत्म हो जाता है। यही स्थिति अब सेक्टर-22, 23, 55, राजीव कॉलोनी, डबुआ, भगत सिंह कॉलोनी आदि क्षेत्रों की बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए एफएमडीए कई योजनाओं पर काम कर रहा है।
वर्जन
यमुना किनारे 12 रेनीवेल लगाए जाने हैं। इनमें से दो रेनीवेल लगाने का काम जारी है। दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा शहर में पेयजल आपूर्ति को बेहतर करने के लिए दिल्ली आईआईटी का सहारा लिया जाएगा। सर्वे का काम शुरू करा दिया जाएगा। इससे सभी क्षेत्रों में समान रूप से पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। - विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए