बीपीटीपी के निवासियों का आरोप, बिल्डर के अधिकांश वादे आज तक अधूरे
36 घंटे में एक बार पानी की आपूर्ति होती है उसका भी कोई समय तह नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की पॉश टाउनशिप में शामिल सेक्टर-88 स्थित बीपीटीपी के एफ पॉकेट में रहने वाले करीब 300 परिवार करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद बदहाल सुविधाओं के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। तीन वर्षों में रखरखाव शुल्क करीब तीन गुना बढ़कर 3 रुपये से 8.5 रुपये प्रति वर्ग फीट पहुंच गया लेकिन पानी, सुरक्षा, सड़क, पार्क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने आधुनिक सुविधाओं के नाम पर खरीदारों से भारी राशि वसूली लेकिन आज तक अधिकांश वादे अधूरे हैं। हालात यह हैं कि लोगों को 36 घंटे में एक बार पानी की आपूर्ति मिलती है और उसका भी कोई तय समय नहीं होता। पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण परिवारों को अतिरिक्त स्टोरेज और टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
मुख्य द्वार पर गेट नहीं, सुरक्षा व्यवस्था सवालों में
एफ पॉकेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर अब तक गेट नहीं लगाया गया है। इससे लावारिस पशु कॉलोनी के अंदर तक पहुंच जाते हैं और कई बार घरों में घुसने की घटनाएं भी सामने आती हैं। निवासियों का कहना है कि इलाके में नियमित पुलिस गश्त भी नहीं होती, जिससे सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।
जर्जर सड़कों और जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें
कॉलोनी के अंदर की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ।
अधूरा पार्क बना लोगों की नाराजगी का कारण
एफ ब्लॉक का पार्क भी अधूरा पड़ा है। यहां ओपन जिम, पर्याप्त बेंच और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पार्क पहुंचते हैं, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उन्हें निराश होना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क को आधुनिक स्वरूप देने का वादा आज तक पूरा नहीं किया गया।
नगर निगम में शामिल करने की मांग भी अधर में
निवासियों ने कॉलोनी को नगर निगम के अधीन लाने के लिए आवेदन भी दिए हैं ताकि सरकारी एजेंसियों के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। उनका आरोप है कि अधूरे विकास कार्यों के कारण निगम इस क्षेत्र को अपने अधीन लेने से बच रहा है। अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन मिले हैं लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रखरखाव शुल्क बढ़ा, सुविधाएं नहीं
निवासियों का कहना है कि हर महीने नियमित रूप से रखरखाव शुल्क जमा करने के बावजूद सुविधाओं में कोई सुधार दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि शुल्क लगातार बढ़ाया गया लेकिन न तो आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाया गया और न ही सुरक्षा एवं सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया।
पार्क में बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें। वहीं अन्य सुविधाओं के लिए भी बार बार मांग रखी जा रही है। - रविंदर चौधरी, आरडब्ल्यूए प्रधान
नियमित रूप से रखरखाव शुल्क देने के बावजूद सुविधाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।- मनोज ठाकुर, निवासी