हजारों लोगों को पेयजल किल्लत से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बड़खल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-20 और 21 में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने नई परियोजना शुरू की है। इसके तहत दोनों वार्डों की संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पांच नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। पहली बार ऐसे इलाकों में छोटी डीटीएच (डाउन-द-होल) मशीनों की मदद से बोरिंग कराई जाएगी, जिससे बड़ी मशीनों का पहुंचना संभव नहीं है।
बड़खल क्षेत्र के कई हिस्सों में गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत लगातार स्थानीय लोगों की बड़ी समस्या बनी रहती है। कई कॉलोनियों और गलियों में पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के कारण पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता था। वहीं नए ट्यूबवेल लगाने की योजनाएं अक्सर संकरी गलियों और सीमित पहुंच के कारण अटक जाती थीं। अब निगम ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए छोटी डीटीएच मशीनों के उपयोग का फैसला किया है।
हजारों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद वार्ड-20 और 21 के हजारों निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। नए ट्यूबवेल चालू होने से स्थानीय जलापूर्ति नेटवर्क को अतिरिक्त स्रोत मिलेगा, जिससे पानी के दबाव में सुधार होगा और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायत रही है कि कई इलाकों में सुबह और शाम के समय पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं होती है।
संकरी गलियों के लिए तकनीकी समाधान
परियोजना का सबसे अहम पहलू छोटी डीटीएच मशीनों का उपयोग है। सामान्य बोरिंग मशीनों को संचालन के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता होती है, जबकि बड़खल क्षेत्र की कई गलियां बेहद संकरी हैं। ऐसे में ट्रैक्टर चालित छोटी मशीनों के माध्यम से बोरिंग कार्य कराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से उन स्थानों पर भी ट्यूबवेल स्थापित किए जा सकेंगे जहां पहले तकनीकी कारणों से कार्य संभव नहीं हो पाता था। इससे भविष्य में भी घनी आबादी वाले इलाकों में जलापूर्ति ढांचे को मजबूत करने का रास्ता खुलेगा।
दो महीने में पूरा करना होगा काम
नगर निगम की तरफ से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा। काम शुरू होने के दो माह के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा। दो माह में सभी पांच ट्यूबवेल स्थापित कर चालू कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार परियोजना की प्रगति की निगरानी भी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। ट्यूबवेल बोरिंग के दौरान भूमिगत बिजली केबल, गैस पाइपलाइन या अन्य उपयोगिता सेवाओं को नुकसान न पहुंचे इसके लिए एजेंसी को खोदाई शुरू करने से पहले कॉल बिफोर यू डिग मोबाइल एप का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। इससे जमीन के नीचे मौजूद नेटवर्क की जानकारी पहले से मिल सकेगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। परियोजना के तहत प्रत्येक ट्यूबवेल पर 7.5 हॉर्स पावर की सबमर्सिबल मोटर, आवश्यक पाइपलाइन, विद्युत कनेक्शन, कंट्रोल पैनल और मुख्य जलापूर्ति लाइन से जोड़ने का कार्य भी किया जाएगा।