आरोप-जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम में सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेके को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड-39 की पार्षद नीलम बरेजा और उनके बेटे गोल्डी बरेजा ने आरोप लगाया कि जनवरी में शिकायत देने के बाद भी उसी ठेकेदार को दोबारा वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पांच पार्षदों ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसी गार्बेज प्वाइंट से कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, मजदूर और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का काम करती है लेकिन उसका प्रदर्शन लगातार असंतोषजनक रहा है। आरोप है कि कई बार समय पर संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई।
नीलम बरेजा ने कहा कि जनवरी 2026 में विधानसभा क्षेत्र के पांच पार्षद वार्ड-33 की ज्योति सैलानी, वार्ड-31 की शेफाली सिंगल, वार्ड-37 के मुकेश अग्रवाल, वार्ड-35 के सचिन शर्मा और स्वयं उन्होंने निगमायुक्त को लिखित शिकायत देकर एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया था कि एजेंसी संतोषजनक काम नहीं कर रही है और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार को दोबारा वर्क ऑर्डर जारी किए जाने पर पांचों पार्षदों ने नाराजगी जताई है। गोल्डी बरेजा ने आरोप लगाया कि प्रभाव और संबंधों के चलते एजेंसी को दोबारा मौका दिया गया है जबकि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। इस अवसर पर वार्ड कमेटी के सदस्य एन.के. अग्रवाल, अनीता बर्मन, अर्जुन सहगल, अमन शर्मा और अनिल पुंज सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस मामले को लेकर स्पेशल ऑफिसर सैनिटाइजेशन व ज्वाइंट कमिश्नर एशवीर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।