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Faridabad News: ग्रीन फील्ड में घर में घुसकर डकैती की घटना में पांच आरोपी गिरफ्तार

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- क्राइम ब्रांच बड़खल की टीम ने दूसरी वारदात को अंजाम देने जा रहे आरोपियों को बदरपुर बोर्डर से किया गिरफ्तार
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- नेपाल से भारत में आकर लूट, डकैती की वारदात को देते थे अंजाम, दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, लुधियाना की 10 वारदातों को सुलझाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रीन फील्ड कॉलोनी में तीन दिन पहले घर में घुसकर बुजुर्ग काे बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजमा देने वाले पांच आरोपियों को क्राइम ब्रांच बड़खल ने गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच टीम ने आरोपियों को उस वक्त दबोचा जब वह एक और नई वारदात को अंजाम देने जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में सरगना पहले वर्ष 2022 में भी दो करोड़ की चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है, तभी से फरार था। हालांकि उस मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में है। पुलिस पांचों आरोपियों को अदालत में पुलिस रिमांड लेगी और आरोपियों से लूटी हुई रकम व घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया जाएगा।
शनिवार देर रात ग्रीन फील्ड कॉलोनी में 25 जुलाई को नौकरी पर आई करिश्मा नामक नौकरानी ने दो साथियों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला को बंधक बना लिया था। साथ ही घर में रखे करीब 48 लाख रुपये के गहने और 75 हजार की लूटपाट की थी। वारदात के दौरान पीड़िता एक कमरे में बैठी थी। उनका बेटा दिल्ली के एक निजी अस्पताल में पिता से मिलने गया था। बहू किसी काम से बाहर गई थी। वारदात करने आए बदमाशों ने महिला पर पिस्तौल तान दिया था। साथ विरोध करने पर मारपीट की थी। इस संबंध में बुजुर्ग के पुत्र की शिकायत पर थाना सूरजकुंड में केस दर्ज किया गया था। वारदात के बाद क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने तुरंत प्रभाव से जांच शुरू की, जिससे आरोपी देश छोड़ कर भाग न सकें। डीसीपी क्राइम हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि इस घटना में क्राइम ब्रांच कि टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें घर में मौजूद रही नौकरानी करिश्मा जिसका असली नाम पदमा उर्फ आरती है, उसके साथ ही इस पूरी लूट कि घटना का मास्टर माइंड शंकर भुल, बाल बहादुर, पल्लभ राज और दीपक सिंह शामिल हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी नेपाल के कैलाली जिले के रहने वाले हैं। आरोपी पूरा गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम देते थे।
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ऐेसे बड़े घरों में मिलती थी नौकरानी को एंट्री

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग का मुखिया शंकर भुल शहर में मकानों पर खाना बनाने वाले अन्य नेपाली कुक से संपर्क में रहता था। वह किसी भी बड़े घर पर नौकरानी के काम के लिए पहले अपने गिरोह की महिला साथी की नौकरी लगवाते थे। इसके अलावा महिला साथी खुद भी संपर्क करके नौकरी पर लग जाती थी। घरों में नौकरानी के लिए ज्यादातर 20 से 25 साल की युवती को भेजता था। इस दौरान उसे बेहोशी की दवा भी दी जाती थी। महिला साथी मौका देखकर परिवार के खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर सदस्यों को बेहोश कर देती थी, फिर अपने साथियों को इशारा कर घर के अंदर बुला लेती थी। साथ मिलकर घर से सोने के आभूषण व नगदी की लूट, चोरी व डकैती की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी शंकर भुल नौकरी पर बदल-बदल कर लड़के व लड़कियों को भेजता था। योजना के तहत लूट व डकैती की वारदातों को अंजाम देता था।
गिरोह के सरगना शंकर ने ग्रीन फील्ड में करिश्मा को लगवाया था नौकरी पर
डीसीपी क्राइम हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि गिरोह के सरगना शंकर भुल ने 25 जुलाई को ग्रीन फील्ड कॉलोनी स्थित घर में आरोपी महिला पदमा उर्फ आरती उर्फ करिश्मा को खाना बनवाने के लिए नौकरी पर लगवाया था। जुलाई 27 की रात के समय घर पर एक बुजुर्ग महिला व एक अन्य नौकरानी मौजूद थी। इसी दौरान करिश्मा ने फोन करके अपने साथी शंकर भुल, दीपक सिंह, पल्लभ राज और बाल बहादुर सरकी को घर पर बुला लिया था। शंकर भुल और बाल बहादुर घर के अंदर आ गए व दीपक सिंह व पल्लभ राज घर के बाहर खड़े हो गए। घर के अंदर आरोपियों ने हथियार दिखाकर ज्वैलरी व नकदी की लूट की और करीब 15 मिनट में वारदात को अंजाम देकर माल लेकर फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच एनआईटी की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले और तकनीकी सहायता से महिला सहित पांच आरोपियों को बदरपुर बॉर्डर से गिरफ्तार किया है।
गैंग के सरगना ने देश में 10 वारदातों को अंजाम दिया
पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सरगना ने अपने अलग-अलग साथियों के साथ देश में 10 वारदातों को अंजाम दिया है। इनमें 2 फरीदाबाद, 3 गुरुग्राम, 2 दिल्ली, 1-1 जयपुर और लुधियाना की शामिल है। वारदात के दौरान शंकर भुल अलग-अलग साथियों को गैंग में शामिल करता था। गैंग के सभी सदस्य नेपाल के कैलाली जिला के रहने वाले है। मामले में आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जाकर लूट के आभूषण व नकदी बरामद की जाएगी तथा वारदात में प्रयोग किए गए हथियार को भी बरामद किया जाएगा।
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डीसीपी क्राइम हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि नेपाल का कैलाजी जिला लूटपाट, डकैती जैसी वारदातों के लिए कुख्यात है। यहां छोटे-बड़े कई गैंग भारत में आते हैं और वारदात को अंजाम देकर नेपाल भाग जाते हैं, जिससे उन्हें कोई जल्द गिरफ्तार नहीं कर पाता है।
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