कोविड-19 के सबसे खतरनाक स्वरूप डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि फरीदाबाद के एक 25 वर्षीय युवक में हुई है। मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री दिल्ली की है। वह बल्लभगढ़ के शहरी क्षेत्र का निवासी है और दिल्ली में जॉब के सिलसिले में आना-जाना करता है। वह फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। राहत की बात है कि मरीज के घर में साथ रह रहे माता-पिता सहित पांचों सदस्य संक्रमण की जद में नहीं आए हैं।
विभाग का दावा है कि अब तक के सबसे खतरनाक स्वरूप का यह पहला मामला पूरे हरियाणा में केवल फरीदाबाद में मिला है। ऐसे में फिर से डिटेल एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट की जानकारी निदेशालय सहित केंद्र तक भेजी जाएगी। वहीं प्रदेश में अलर्ट जारी हो गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि मई के पहले सप्ताह में वह दिल्ली में किसी परिचित के शादी समारोह में शामिल हुआ और तीन दिन बाद संक्रमण के लक्षण दिखने लगे। मरीज ने संक्रमण के खतरनाक स्वरूप को भी मात दे दी है। वह फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ है। परिवार का कोई सदस्य संक्रमित नहीं हुआ है। उसके संपर्क में ऑफिस व शादी में शामिल लोगों में भी अभी तक किसी तरह की अनहोनी या गंभीरता की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंची है।
केंद्र ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य को पत्र जारी करते हुए कहा कि कड़ाई से निर्देशों का पालन करना होगा। प्रभावी कदम उठाएं। भीड़ को काबू करने, टेस्टिंग-ट्रेसिंग बढ़ाने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने की जरूरत है। डेल्टा प्लस वैरिएंट से पीड़ित मरीज की पुष्टि ईएसआईसी और ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (टीएचएसटीआई) के संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए की गई कोविड 165 मरीजों की रैंडम सैंपलिंग में हुई है।
इस दौरान कोविड के जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच की गई। रिपोर्ट में एक मरीज डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित मिला। हालांकि इस रिपोर्ट की पुष्टि 25 जून को हुई। मरीज ने होम आइसोलेशन में करीब दो सप्ताह में ही संक्रमण को मात दे दी।
डेल्टा प्लस को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा प्लस वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ यानी जिस पर चिंतित होने की जरूरत है, ऐसी श्रेणी में रखा है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हर माह प्रत्येक जिले में कुल संक्रमितों में से पांच फीसदी सैंपल को हॉल जिनोम स्किवेंसिंग के लिए भेजा जाता है। जिले में हर माह यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें री-इनफेक्शन यानी दोबारा संक्रमित होने वाले मामले, विदेश यात्रा की हिस्ट्री वाले मामलों के सैंपल शामिल किए जाते हैं।
सबसे ज्यादा घातक माना जा रहा है यह वैरिएंट
कोविड-19 के अब तक करीब कई तरह के वैरिएंट मिल चुके हैं। इसमें डेल्टा प्लस वैज्ञानिक नाम वी.1.617.2 सबसे घातक माना गया है। डेल्टा प्लस के 50 से अधिक मामले पूरे देश में मिले हैं। इसमें से एक अब फरीदाबाद में मिला है। ऐसे में एनसीआर अलर्ट मोड पर है। दिल्ली में मामले पहले ही मिल रहे थे, एनसीआर का यह पहला मामला है।