शनिवार सुबह 11 बजे गांव अनंगपुर डेयरी में एक वर्कशॉप (बैटरी रिपेयर) में आग लग गई। घटना के समय मौके पर चार कर्मचारी मौजूद थे। एक कर्मी समय रहते बाहर निकल आया। तीन की आग में दम घुटने से मौत हो गई।
दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधजली अवस्था में तीनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए गए। सराय ख्वाजा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामपाल सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे सेक्टर-37 अनंगपुर डेयरी के पास एक बैटरी की वर्कशॉप में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे तीन लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आसपास स्थित फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी सड़क पर निकल आये। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कई घंटों में आग पर काबू पाया।
जांच में सामने आया कि अजय गुप्ता नाम के व्यक्ति ने फ्यूजी सेल नाम से वर्कशॉप खोल रखी थी। घटना के बाद से मालिक फरार हो गया है। वर्कशॉप में चार लोग काम करते थे। घटना के समय अंकित, सुनील, सतवीर और पिंटू वर्कशॉप में बैटरी चार्जिंग पर लगा रहे थे। शॉर्ट सर्किट के कारण एकदम से आग लग गई। आग लग गई और बैटरियों में धमाके होने लगे। पिंटू किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहा। वर्कशॉप में धुंआ भर गया। अंकित, सतवीर और सुनील की दम घुटने से मौत हो गई।
बिहार के रहने वाले हैं तीनो मृतक
थाना प्रभारी रामपाल ने बताया कि तीनों मृतक मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। फिलहाल तीनों दिल्ली लालकुआं इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे। मृतकों के परिजनो ने शिकायत दी है कि वर्कशॉप मालिक ने कार्यस्थल पर बचाव उपकरण नहीं लगा रखे थे। साथ ही वर्कशॉप में आग बुझाने के लिए कोई मालक पूरे नही किए गए थे। पुलिस ने वर्कशॉप मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
बिना एनओसी के जल रही थी वर्कशॉप
जिला अग्निशमन आधिकारी सत्यवान समरीवाल ने बताया कि वर्कशॉप 50 गज के दो मंजिला इमारत में चल रही थी। वर्कशॉप चलाने के लिए कोई एनओसी नहीं ली गई थी। मौके पर आग बुझाने के लिए कोई उपकरण या पानी का प्रबंध नही था। लापरवाही के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। उन्होने बताया कि तीनो शव एक ही जगह से बरामद हुए हैं। अंदेशा है कि आग से बचने के लिए तीनो बाहर भागने की बजाय अंदर की तरफ जाकर छिप गए।