फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र में स्टिल्ट पार्किंग के अवैध हिस्से को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने और 24 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। एसजीएम नगर थाना पुलिस ने वरिष्ठ नागरिक की शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
एनआईटी-3 निवासी सतपाल सिंह नरूला ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि एक मकान को लेकर सविता विरमानी, उनके पति संजय विरमानी और पुत्र पुनीत विरमानी ने ग्राउंड फ्लोर एरिया 90 वर्गगज का सौदा तय किया था। आरोपियों ने नगर निगम से नक्शा और अप्रूवल सर्टिफिकेट पास होने का दावा कर भरोसा जीता। पीड़ित ने 12 जुलाई 2025 को चार लाख रुपये बयाना दिए और बाद में 10-10 लाख रुपये की दो किस्तें अदा कीं।
स्टाम्प पेपर खरीदने के बाद जब पीड़ित ने अपॉइंटमेंट चेक किया तो कवर्ड एरिया काफी कम मिला। नगर निगम से पता करने पर खुलासा हुआ कि स्टिल्ट एरिया में अवैध रूप से दो कमरे बनाए गए थे। निगम के जेई की रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ कि स्टिल्ट में बना निर्माण अवैध है और उसकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती। पीड़ित का आरोप है कि अनिल शर्मा, रितू थापर, सविता विरमानी और अन्य ने सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी कर 24 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर 15 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।