1350 के बजाय 1600 से 1800 रुपये वसूल रहे विक्रेता
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। जिले में डीएपी की कीमतों में चल रही मनमानी किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। जहां सरकार द्वारा निर्धारित कीमत 1350 रुपये प्रति बोरी है, वहीं कई विक्रेता 1600 से 1800 तक वसूल रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस तरह की कालाबाजारी से खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो अगली फसल पर असर पड़ना तय है।
जब मैं खाद लेने गया तो दुकानदार ने कहा कि माल कम है, अगर तुरंत चाहिए तो 1600 रुपये देने होंगे। हम मजबूर हैं, बुआई का समय है, खाद तो लेनी ही पड़ेगा।- उमेश यादव, किसान
सरकार कहती है कि किसानों को सस्ती दर पर खाद मिलेगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। विभाग को ऐसे दुकानदारों पर नकेल कसनी चाहिए जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। -हरनारायण यादव, किसान
कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर नियमानुसार मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -राजवीर सिंह, थाना प्रभारी, तिगांव