वर्तमान मार्केट रेट से मुआवजा मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन, प्रशासन पर गलत अफवाह फैलाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सोतई गांव में जमीन के मुआवजे और मालिकाना हक को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को बारिश के बावजूद जारी रहा। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी भूमि का वर्तमान मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा उनके खातों में नहीं पहुंचता, तब तक धरना जारी रहेगा और जमीन पर कब्जा नहीं दिया जाएगा। यह धरना 22 अगस्त से शुरू हुआ था।
किसानों ने मंगलवार 25 अगस्त को सुबह 11 बजे सोतई गांव में किसान महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। महापंचायत को लेकर आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क करने के लिए सोमवार को धरने से कई किसान गांव-गांव गए और अधिक से अधिक किसानों से शामिल होने की अपील की।
धरना अध्यक्ष धर्मवीर ने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और मुआवजा मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन को नगर निगम की जमीन बताकर अधिग्रहण की कार्रवाई की गई, जबकि उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों ने दावा किया कि उन्होंने प्रशासन को जमीन का कब्जा नहीं दिया है और मौके पर पहुंची मशीनों को भी काम करने से रोक दिया गया। किसानों ने प्रशासन पर कब्जे को लेकर गलत अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
धरने में झम्मन, रतनलाल, नारायण सिंह, सतपाल मास्टर, संदीप एडवोकेट, कुलदीप, गजेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं। किसानों ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री की ओर से फरीदाबाद के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक होगी, वहीं किसान भी अपनी जमीन और अधिकारों को लेकर समीक्षा करेंगे। अब 25 अगस्त की महापंचायत में आंदोलन की आगे की रणनीति तय होने की संभावना है।
प्रशासन की ओर से पहले कहा गया है कि मुआवजे की राशि अदालत में जमा कराई जा चुकी है और जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन है। दूसरी ओर किसान सीधे भुगतान की मांग पर अड़े हुए हैं।