हाईकोर्ट के फैसले अनुसार मुआवजा न दिए जाने पर किसानों ने इंडस्ट्रीयल मॉडल टाउन (आइएमटी) के शिलान्यास स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को किसानों ने एचएसआईआईडीसी के कार्यालयों पर ताले जड़ दिए थे। अब किसान रविवार को आईएमटी में चल रही इकाइयों को पर तालाबंदी की तैयारी में जुटे हैं।
एचएसआईआईडीसी ने चंदावली, नवादा तिगांव, मुजैड़ी, मच्छगर, सोतई और ऊंचा गांव की 1832 एकड़ जमीन अधिग्रहित की। तब किसानों को 707 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा देने का ऐलान किया गया लेकिन मुआवजा राशि कम बताते हुए किसानों ने पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
हाईकोर्ट ने विभाग को 1250 रुपये प्रति गज के हिसाब से किसानों को मुआवजा देने के लिए आदेश सितंबर 2015 में दे दिए। इस आदेश के खिलाफ एचएसआईआईडीसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों ने विभाग को 20 अप्रैल तक मुआवजा देने का समय दिया था। शुक्रवार को धरने को गिर्राज धनखड़, सुरजीत अधाना, जसंवत सैनी सहित किसानों ने संबोधित किया। बृहस्पतिवार देर शाम उद्योगपतियों ने किसान नेताओं से बैठक कर तालाबंदी के निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया। बैठक में उद्योगपतियों ने किसानों से कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से है, न की उद्योग-धंधों से।
तालाबंदी से उद्योग-धंधों पर गलत असर पड़ता है। इसलिए किसान उद्योगों पर ताला न लगाए। किसानों ने उद्योगपतियों की मांग को एकसिरे से नकार दिया और बैठक बेनतीजा रही। सूत्रों की मानें तो उद्योगपतियों ने देर रात केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक विपुल गोयल से इस समस्या के समाधान का आग्रह किया है।