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Faridabad News: 61 साल बाद मिला किसानों को पानी लेकिन रास्ता हुआ बंद

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बल्लभगढ़। सिंचाई विभाग की ओर से 61 साल बाद गांव अटेरना के रजवाहे में पानी को छोड़ा गया। पानी आने से दर्जन भर गांव के लोगों सिंचाई करने में फायदा तो मिला लेकिन उस रजवाहे से गुजरे वाले लोगों का रास्ता बंद कर दिया गया।
29 नवंबर को गांव हीरापुर निवासी सत्य देव कौशिक ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ग्रीवेंस कमेटी में मुद्दा उठाया था कि गांव अटेरना के रजवाहे में पिछले 61 सालों से पानी नहीं छोड़ा गया है। इसकी वजह से गांव हीरापुर, गांव मोहना, गांव नरहावली, गांव छांयसा, गांव महमदपुर, गांव नरियाला आदि के किसानों को खेतों की सिंचाई करने में दिक्कत होती है।
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बिजली निगम की ओर से समय पर ट्यूबवेल की लाइट नहीं आती थी। इसकी वजह से किसानों को काफी परेशानी होती थी। इसके चलते उनकी ओर से कई बार रजवाहे में पानी को छोड़ने की मांग को उठाया गया। इस बार ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में रजवाहे में पानी छोड़ने के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए। सिंचाई विभाग की ओर से रजवाहा में पानी को छोड़ा गया। इससे किसानों को तो फायदा हुआ लेकिन कई गांव के लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया। रजवाहे के ऊपर लोगों के द्वारा अस्थाई तौर पर पुलिया को बनाया हुआ था जोकि गांव हीरापुर को अटेरना से छोड़ी थी। जिससे दुपहिया वाहन आसानी से आवागमन कर पाते थे। रजवाहे में पानी छोड़ने के लिए अधिकारियों ने गांव को जोड़ने वाले पुलिया ही तोड़ डाली। इसकी वजह से अब ग्रामीण वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक गांव से दूसरे गांव जाने वाले लोगों को मोहना गांव से होकर जाना पड़ता है जोकि काफी दूर पड़ता है।


रजवाहे में पानी को छोड़ दिया गया है। उसका निर्माण कार्य चल रहा है जोकि जल्द पूरा हो जाएगा। पुलिया को दोबारा से बनाया जाएगा।
- मोहित वशिष्ठ, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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