गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एचएसवीपी की ओर से की जा रही तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में आंदोलनरत किसानों को उस समय पुलिस ने रोक लिया जब वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने सूरजकुंज जा रहे थे। बड़ोली गांव के पुराने पुल पर पुलिस बल ने किसानों के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
गांव बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि उन्होंने एक माह पहले प्री-बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना प्रार्थना पत्र सौंपा था। इसमें एचएसवीपी की तोड़फोड़ कार्रवाई का विरोध और ग्रामीणों को राहत देने की मांग की गई थी। किसानों के अनुसार, अब तक उन्हें अपनी मांगों पर किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई, जिसके चलते वे मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर स्थिति स्पष्ट करना चाहते थे।
बृहस्पतिवार सुबह किसान बड़ोली से रवाना हुए लेकिन पुराने पुल पर पहुंचते ही पुलिस की तीन बसों और सात जीप्सियों में तैनात जवानों व अधिकारियों ने रास्ता रोक लिया। मौके पर काफी देर तक बहस होती रही। किसानों का नेतृत्व कर रहे वीरपाल गुर्जर ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे ग्रामीणों को रोकना उचित नहीं है। देर शाम तक किसान वहीं डटे रहे और आगे की रणनीति पर चर्चा करते रहे।