सीमा विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली सरकार की तरफ से अपने अधिकार क्षेत्र की पैमाइश की गई। इस दौरान एसडीएम, पटवारी, वन विभाग व दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। यहां राम प्यारी कॉलोनी व खोरी गांव एक-दूसरे के साथ ही बने हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा सरकार के साथ-साथ दिल्ली का प्रशासन भी हरकत में आ चुका है। सीमा पर बने होने के कारण खोरी गांव खाली कराना दोनों राज्यों के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि आधिकारिक रूप से खोरी खाली कराने का जिम्मा हरियाणा का ही है, लेकिन बवाल बढ़ा तो दिल्ली दूर नहीं। वन विभाग, एसडीएम, पटवारी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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सीमा विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली सरकार की तरफ से अपने अधिकार क्षेत्र की पैमाइश की गई। इस दौरान एसडीएम, पटवारी, वन विभाग व दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। यहां राम प्यारी कॉलोनी व खोरी गांव एक-दूसरे के साथ ही बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सब इसे खोरी गांव ही कहते थे। साल 2017 में यहां विवाद बढ़ा तो दिल्ली सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र को नया नाम दे दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा वन विभाग की तरफ से पूरे इलाके में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। इसके बाद राम प्यारी कॉलोनी के लोगों में भी हलचल तेज हो गई और लोग एसडीएम कार्यालय में जा पहुंचे।
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कॉलोनी निवासी जीवन कुमार ने बताया कि पिछले करीब चार-पांच दिनों से लगातार पैमाइश हो रही थी। शुक्रवार को आधिकारिक रूप से निशान लगाए गए हैं। दिल्ली अधिकार क्षेत्र के लोगों को प्रशासन ने वायदा किया है कि उनके मकान नही टूटेंगे। इसके बावजूद यहां भी डर का माहौल बना हुआ है।