जांच में सामने आया कि मरीज से प्राइवेट इलाज के रुपये लेकर फिर आयुष्मान कार्ड की फाइल आरोपी अशोक की आईडी से बनाकर सरकार से पैसे हड़पते थे। जांच पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को सेक्टर-12 से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अशोक को 15 फरवरी को और अन्य तीन आरोपियों को 16 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर 2-2 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी अशोक का रिमांड पूरा होने पर उसे नीमका जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फर्जी आयुष्मा कार्ड बनाकर बिल भुगतान की मंजूरी के लिए भेजा
मरीज नरेश ने पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को बताया कि आयुष्मान कार्ड के तहत उसका इलाज कभी नहीं हुआ है। आरोपियों ने इलाज की फाइल पर कैश काट कर आयुष्मान भारत लिख दिया और आयुष्मान कार्ड पर मरीज नरेश का फर्जी पता लिखकर फाइल तैयार कर ली। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हार्ट सेंटर में इलाज करवाने आए मरीज से आरोपियों ने कैश जमा करवा लिया और उसका फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर बिल भुगतान की मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया। आयुष्मान योजना का दुरुपयोग कर कितने फर्जी बिल पास करवाए गए हैं। इसकी छानबीन की जा रही है।