फरीदाबाद में करीब डेढ़ महीने के लॉकडाउन में खाली बैठने के तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद लोग खाने और रहने दोनों के लिए मोहताज हो गए हैं। खोरी गांव में किराए पर रह रहे लोग यहां से कमरे खाली कर रहे हैं। स्थिति यह है कि गांव सूना होने लगा है। लोगों का कहना है कि जब किराया ही देना है तो डर-डर कर क्यों रहें। घर बचाएं या कमाएं-खाएं। वहीं महिलाएं भी अब प्रशासनिक लड़ाई का मोर्चा संभाल रही है।
इधर जिन लोगों ने अपने मकान बना लिए हैं उनके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। लोग कहने को तो मकान मालिक हैं और हालात किराएदार से भी बदतर हैं। शुक्रवार को खोरी गांव की गलियां सूनी नजर आईं। गांव में पुरुषों की संख्या देखने को अब नहीं मिलती।
गांव के लोगों से बातचीत में उनका दर्द सामने आया। यहां रह रही मुन्नी देवी का कहना है कि तपती धूप में बच्चों को संभालना अब मुश्किल हो चला है। गांव में लाइट काट दी गई है। घर में खाने के लिए अनाज नही बचा है। ऐसे में हम अपने घर को बचाएं या बच्चों का पेट भरें। गांव के पुरुष दिहाड़ी मजदूरी पर जाने लगे हैं। रोजाना की छोटी मोटी कमाई ही यह तय करती है कि आज खाना मिलेगा या नहीं।
60 वर्षीय महिला हुसैनी का कहना है कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। बेटा ऑटो चलाता है। गांव के बाहर खड़ी पुलिस के डर से बेटा छिपते छिपाते ऑटो लेकर निकालता है। उसे डर है कि कहीं पुलिस उसके ऑटो को बंद न कर दे। स्थानीय लोग अब घर से बाहर नहीं निकल रहे। तेज धूप और लू के कारण गालियां सूनी नजर आ रही हैं।
अज्ञात पर दर्ज मामलों ने गांव में बढ़ाई दहशत
जाम लगाने व पथराव की घटना के बाद पुलिस ने अभी तक ढाई सौ से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पिछले दस दिनों में पुलिस दर्जन भर लोगों को अलग-अलग आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। गांव के लोगों में इस बात को लेकर डर का माहौल है। लोगों का मानना है कि पुलिस जब चाहे उन्हें जेल में डाल देगी। छोटे बच्चों को भी अब बाहर जाने की मनाही है। खोरी गांव में ज्यादातर लोग दूसरे राज्यों के हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोग अब ये तय नही कर पा रहे हैं कि आगे क्या करना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों को लाने के लिए भी लोग उन रास्तों से गांव के बाहर जा रहे हैं जहां पुलिस की मौजूदगी नही है। इसके लिए सबसे सुरक्षित रास्ता वे दिल्ली की तरफ का मान रहे हैं। गांव के लोग हरियाणा पुलिस को देखकर डर रहे हैं जबकि दिल्ली पुलिस से उन्हें कोई भय नही है।