गाजीपुर का रहने वाला था दर्जीलाल
पुलिस के अनुसार, दर्जीलाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के हसनपुरा गांव का रहने वाले थे। वह गत्ते काटने वाली मशीन लगाने और उनकी मरम्मत का काम करता था। काम के सिलसिले में वह अलग-अलग जिलों और राज्यों में जाता था। आने-जाने के लिए वह अक्सर अपने पड़ोसी हरेंद्र का ऑटो किराये पर लेता था। दर्जीलाल मायापुरी, नई दिल्ली में पत्नी उषा देवी और बच्चों के साथ रहता था। उनके बच्चों की शादी हो चुकी है।
ऑटो से मथुरा गए थे दोनों
परिजनों के अनुसार, दोनों 23 अक्तूबर को सुबह करीब छह बजे ऑटो से मथुरा गए थे। वहां दर्जीलाल ने मशीन लगाने का काम किया। इसके बाद दोनों दिल्ली लौट रहे थे। रात करीब 9:40 बजे झाड़सेंतली फ्लाईओवर पर उनका ऑटो सड़क किनारे खड़े मालवाहक ट्राले के पीछे जा घुसा। बताया गया कि अंधेरे में चालक को सड़क किनारे खड़ा ट्राला दिखाई नहीं दिया। हादसे में दोनों की मौत हो गई।
हरेंद्र के माता-पिता का हो चुका था निधन
हरेंद्र अविवाहित था और अपने चाचा मोहनलाल के साथ रहता था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उसका बड़ा भाई कुल्लू में नौकरी करता है। परिजनों के अनुसार, चाचा मोहनलाल ने दोनों भाइयों का पालन-पोषण किया था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दर्जीलाल की पत्नी उषा देवी और हरेंद्र के चाचा मोहनलाल की शिकायत पर ट्राले चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने ट्राले को कब्जे में ले लिया है। हादसे के बाद चालक मौके से भाग गया था। उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।