फरीदाबाद में डीपीएस के छात्र के खुदकुशी मामले में पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने एसीपी सेंट्रल सत्यपाल यादव के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है जिसमें थाना प्रभारी बीपीटीपी अर्जुन देव, महिला थाना सेंट्रल गीता और बीपीटीपी में तैनात अनुसंधान अधिकारी एएसआई राकेश, थाने में तैनात बाल कल्याण समिति के अधिकारी भी जांच में सहायता करेंगे। तफ्तीश व पूछताछ में उनकी सहायता ली जाएगी।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि इस मामले में गठित एसआईटी सभी वैज्ञानिक पहलुओं व अन्य साक्ष्यों के आधार पर गहनता से अभियोग का नियम अनुसार अनुसंधान करते हुए पीड़ित को जल्द न्याय दिलाया जाएगा। एसआईटी की जांच का मार्गदर्शन डीसीपी सेंट्रल करेंगे। पुलिस आयुक्त को समय-समय पर अवगत कराएंगे।
ये है पूरा मामला
डीपीएस के छात्र व डिस्कवरी सोसायटी निवासी गौरव (बदला हुआ नाम) ने 23 फरवरी को सोसायटी की 17वीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। खुदकुशी से पहले छात्र ने एक सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा था, जिसमें उसने डीपीएस की एकेडमिक हेड व अन्य को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस डीपीएस की एकेडमिक हेड ममता को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। बुधवार को थाना बीपीटीपी पुलिस द्वारा लिखाई के मिलान के लिए छात्र द्वारा हस्तलिखित घर से डायरी और स्कूल से बच्चे के हस्तलिखित कागजात (डॉक्यूमेंट) हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजे गए हैं।