महिला थाना सेंट्रल पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी बेटे को संरक्षण देने व पद का दुरुपयोग कर पीड़िता के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराने के आरोप में हरियाणा पुलिस के एएसआई को गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई फिलहाल नूंह जिले में नगीना थाने में तैनात था। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया। दुष्कर्म के आरोपी बेटे को एक दिन की रिमांड पर लिया गया है।
गिरफ्तार एएसआई की पहचान सुरेंद्र रावत के रूप में हुई है। अक्तूबर 2022 में एसआई के बेटे प्रदीप रावत के खिलाफ सेंट्रल महिला थाना में केस दर्ज हुआ था। आरोपी एनआईटी तीन स्थित एक फिजियोथैरेपी सेंटर पर काम करता था। यहां कार्यरत युवती के साथ आरोपी ने सेक्टर 88 स्थित अपने मकान में ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर केस दर्जकर जांच शुरू कर दी।
इसके बाद से आरोपी प्रदीप फरार चल रहा था। सेशन व हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद भी आरोपी पुलिस से बचकर छिपा रहा। पुलिस ने आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित कर दिया था। आरोप है एएसआई सुरेन्द्र ने पद का दुरुपयोग करते हुए एसजीएम नगर थाने में पीड़िता के खिलाफ हनी ट्रैप का मामला दर्ज करा दिया। अधिकारी स्तर की जांच में मामला झूठा पाया गया। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने एसीपी मोनिका देशवाल की अगुवाई में एसआईटी का गठन कर मामले की जांच करने के आदेश दिए।
एसआईटी में महिला थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर गीता व क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर को शामिल किया गया। महिला थाना सेंट्रल थाना से इंस्पेक्टर गीता, एएसआई अजय व एएसआई सुमन ने 12 अप्रैल को आरोपी एएसआई सुरेन्द्र रावत को नूंह से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर दुष्कर्म के आरोपी बेटे प्रदीप को गिरफ्तार किया गया। एएसआई को अदालत ने जेल भेज दिया जबकि बेटे प्रदीप को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।