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देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित रही फरीदाबाद की हवा

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देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित रही फरीदाबाद की हवा
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फरीदाबाद। फरीदाबाद में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है। इसके बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी की गई सूची के अनुसार बृहस्पतिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 447 दर्ज किया गया। देशभर में सबसे प्रदूषित शहरों में श्रेणी में फरीदाबाद पहले नंबर पर रहा। दूसरे नंबर पर दिल्ली और गाजियाबाद शहर हैं।
बीते एक सप्ताह से प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों बारिश होने और हवा चलने की वजह से प्रदूषण के स्तर में कमी आई थी। अब पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार शहर में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के साथ स्मॉग भी है। इस वजह से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बल्लभगढ़ क्षेत्र की हवा भी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। यहां एक्यूआई 314 दर्ज किया गया। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां एक्यूआई 467 दर्ज किया गया। सेक्टर 16ए में एक्यूआई 459 दर्ज किया गया।
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अधिकारी बोले, जिले में निर्माण कार्य में तेजी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि इन दिनों जिले में निर्माण कार्य तेज हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। इसके साथ ही वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी अधिक है। बीते तीन दिनों से हवा की गति पूरी तरह से थमी हुई है। कोहरा के साथ ठंड भी बढ़ रही है। इन कारणों की वजह से प्रदूषित कण भारी होकर एक जगह एकत्र हो रहे हैं। इससे एक्यूआई में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि हवा चलने की स्थिति में प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है।
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डॉक्टरों की सलाह, लोग सावधानी बरतें
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीन मलिक ने बताया कि उच्च स्तर के वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से आंखों में जलन, गले में घरघराहट, खांसी, सांस लेने में समस्या हो सकती है। वायु प्रदूषण फेफड़ों और हृदय को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए लोग सावधानी बरतें।
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