खुल्ले पैसों को लेकर यात्री और परिचालक के बीच होती है कहासुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ बस डिपो से चलने वाली रोडवेज बसों में करीब 3 साल पहले ई टिकट की सुविधा शुरू की गई थी लेकिन अभी तक ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा शुरू नहीं हुई है। इसकी वजह से हर रोज यात्री और परिचालक के बीच खुले पैसे को लेकर कहासुनी होती है। इसको लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
बल्लभगढ़ बस डिपो से 160 रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। उनमें चंडीगढ़, यमुनानगर, पंचकूला, जयपुर, हल्द्वानी, हरिद्वार, होडल, पलवल, आगरा, अलीगढ़, मथुरा आदि रूट शामिल हैं। इन सभी रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को ई टिकट की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा करीब 3 साल पहले शुरू की गई थी।
इसका मुख्य कारण टिकट के दौरान हो रही गड़बड़ी को रोकना था। इसके साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को भी शुरू करना था, लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक परिवहन विभाग की ओर से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं की गई है। जिसकी वजह से यात्री और परिचालक के बीच में हर रोज खुले पैसों को लेकर कहासुनी होती है।
एक- दो रुपये के लिए लड़ते हैं यात्री
परिचालकों ने बताया कि हर रोज एक से दो यात्री ऐसे मिल जाते हैं, जो एक से 2 रुपये के लिए उनसे लड़ाई करते हैं। अगर उनके पास खुले पैसे नहीं होते हैं तो वह उनसे टिकट पर लिखने के लिए कहते हैं। जिस पर मजबूरन उनको अब एक- दो के सिक्के रखने पड़ते हैं। जिससे उनका बैग तो भारी होता है साथ ही उनको बैग को उठाने में भी दिक्कत होती है। ऑनलाइन भुगतान के लिए कई बार उनकी ओर से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई तकनीकी खराबी के कारण ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
ड्यूटी इंचार्ज नरेंद्र का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। कंपनी की ओर से ही यह सुविधा शुरू नहीं की गई है।