ईएसआईसी छह साल पुराना रिकॉर्ड खंगालेगा
मातृत्व अवकाश प्रकरण :
- निगम की ऑडिट टीम को अंदेशा है कि यह प्रकरण वर्षों से चल रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सेक्टर-16 स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में मातृत्व अवकाश प्रकरण में निगम छह साल पुराना रिकॉर्ड खंगालेगा। निगम का अंदेशा है कि यह प्रकरण तीन वर्ष पुराना नहीं, बल्कि कई वर्ष पुराना हैं। निगम की ऑडिट टीम जल्द जांच शुरू करेगी।
पांच दिन पहले कर्मचारी राज्य बीमा निगम की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि शहर में कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी एक साल में चार से ज्यादा बार डिलीवरी के नाम पर घोटाला किया गया। मातृत्व अवकाश के नाम पर इन महिलाओं ने ईएसआईसी से करोड़ों रुपये का लाभ भी लिया। इस मामले में ठेकेदार और विभाग अधिकारियों की मिलीभगत बताई गई है। ईएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि निजी क्षेत्र में कार्यरत अनेक महिलाओं ने निगम की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को एक साल में चार-चार बार गर्भवती दिखाया। कुछ महिलाओं ने इससे अधिक बार दिखाकर मातृत्व अवकाश का लाभ लिया।
उन्होंने कहा कि विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल चल रहा था। मामला खुलने के बाद निगम ने तुरंत प्रभाव से छह कर्मचारी और तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही निगम ने स्पेशल जांच के लिए टास्क फोर्स गठित की। उन्होंने कहा कि मामला तीन साल पुराना नहीं लगता है। निगम को अंदेशा है कि यह मामला कई वर्ष पुराना है। इसलिए प्रकरण की तह तक जाने के लिए निगम ने छह साल पुराना रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी की गई। जल्द ही पुरानी फाइलों की जांच शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा इस मामले की जांच सीबीआई और ईएसआईसी के दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस को सौंपी गई है।
वर्जन
निगम ने छह साल पुराने मरीजों का रिकॉर्ड जांचने की तैयारी है, इससे मामले की तह तक जाने में अधिकारियों को मदद मिलेगी। जांच के बाद मामले में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार और कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डीके मिश्रा, आयुक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम