एनएसआईसी केंद्र प्रमुख उमेश दीक्षित ने बताया कि उनकी टीम द्वारा पिछले सप्ताह गांव नीमका स्थित राजा जैत सिंह सरकारी पॉलिटेक्निक का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया कि 100 से अधिक कंप्यूटर काम नहीं कर रहे हैं। इस मामले की सात अगस्त को कंप्यूटर एक्सपर्ट द्वारा जांच करवाई गई तो पाया कि 139 कंप्यूटर सिस्टमों में से प्रोसेसर गायब हैं।
कॉलेज में ठेकेदारी के तौर पर कार्यरत फैकेल्टी आफताब आलम जो कि मास मैनेजमेन्ट सोल्युशन प्रा. लिमिटेड दिल्ली का कर्मचारी है। आरोपी आफताब कॉलेज में कंप्यूटर हार्डवेयर प्रशिक्षण देता था। इसके अलावा दैनिक स्तर पर कंप्यूटर एवं सीसीटीवी रख-रखाव का कार्य भी देखता था। आफताब आलम से जब पूछताछ की गई तो उसने कबूल कर लिया कि उसने ही सभी कंप्यूटर सिस्टम से प्रोसेसर इंटेल आई 7 खोलकर नेहरू प्लेस के बाजार में बेच दिए हैं।
20 हजार का लोन लिया और 12 लाख चुकाया
आफताब ने बताया कि उसने चीनी लोन ऐप एए क्रेडिट से 20 हजार रुपये का लोन फरवरी में लिया था। जिसको न चुकाने पर 12 लाख रुपये का लोन प्रोसेसर को बेचा कर चुकाया है। इसके अलावा उसने कुछ पैसे दोस्तों से भी उधार लिए। उन्हें भी प्रोसेसर बेचकर की चुकाए। टीम ने आफताब को पुलिस के हवाले कर दिया। चोरी किए गए प्रोसेसर की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर छह दिन की रिमांड पर लिया है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज से करीब 139 कंप्यूटर से प्रोसेसर चोरी हो गए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक पूछताछ में नेहरु प्लेस में सिस्टम बेचने की बात कबूली है। आरोपी को छह दिन की रिमांड पर लिया गया है। इसमें प्रोसेसर बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। -महेंद्र पाठक, थाना प्रभारी सदर