ग्रैप लागू होने के कारण डीजी सेट नहीं चला सकते उद्यमी, कंपनियों में उत्पादन क्षमता प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ठंड बढ़ने के बावजूद लोगों को बिजली कटौती से राहत नहीं मिल रही है। नो पावर कट जोन होने के बावजूद रोजाना तीन से चार घंटे बिजली गुल रहती है, जिससे उद्यमियों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने से जनरेटर चला नहीं सकते हैं, जिससे उद्योगों में उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। उत्पादन क्षमता में 20 से 30 फीसदी की गिरावट आई है। रविवार को भी कई क्षेत्रों में तीन से चार घंटे बिजली सप्लाई ठप रही। इस दौरान बिजली कंट्रोल रूप में करीब 700 शिकायतें दर्ज की गईं।
सरकार की तरफ से औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावे किए जाते हैं। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर में नो पावर कट जोन की बात कही थी, लेकिन स्थिति बिल्कुल अलग है। सरप्लस बिजली होने के दावाें के बीच रोजाना 3 से 4 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। सरकार कहती है कि बिजली कट फाल्ट, ट्रिपिंग और ब्रेक डाउन के कारण लग रहे हैं, अघोषित बिजली कटौती रोकने के लिए निगम के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, जिससे मजबूरीवश उद्यमियों को डीजी सेट पर उद्योगों को चलाने पड़ते हैं।
शहर में छोटे-बड़े करीब 28 हजार उद्योग हैं। इनमें सबसे अधिक उद्योग आईएमटी, सेक्टर-24, 25, सेक्टर-58 और सरुरपुर क्षेत्र में स्थित हैं। कहने के लिए तो शहर में सरप्लस बिजली है, लेकिन मजबूत इंफ्राट्रक्चर नहीं होने के कारण लोड बढ़ते ही फाल्ट, ब्रेक डाउन, ट्रिपिंग हो जाती है। हालांकि ग्रैप लागू होने के कारण अनेक उद्योगों ने पीएनजी कनेक्शन ले लिए हैं। बड़े उद्योगों ने ड्यूल फ्यूल किट और रेट्रोफिटिंग किट लगवा ली है, लेकिन अभी भी बिजली जाने पर 75 फीसदी उद्योग डीजल जनरेटर पर चलते हैं।
इन इलाकों में समस्या अधिक
सरुरपुर, सेक्टर 24, 25, न्यू डीएलएफ, कृष्णा नगर, एसजीएम नगर, गुरुकुल, डीएलएफ इंडस्ट्रियल एरिया।
बिजली कट लगने से कंपनी में काफी काम प्रभावित होता है। प्लास्टिक और मोलडिंग मशीनों के बिजली जाने पर एक बार बंद होने के बाद दोबारा उसी तापमान पर पहुंचने में एक घंटे का समय लग जाता है। इस दौरान कर्मियों को खाली बैठना पड़ता है। इसका असर प्रोडक्शन पर पड़ा रहा है। - वीरभान शर्मा, अध्यक्ष, फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
हमारी प्लास्टिक के पार्ट्स बनाने की कंपनी है। पहले के मुकाबले बिजली व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है, लेकिन समस्या अभी भी बरकरार है। पीएनजी जेनसेट लेने की हमारी क्षमता नहीं, ड्यूल फ्यूट किट भी बाजार में करीब 5 लाख की है। उसके लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। - रवि भूषण खत्री, तत्कालीन अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
औद्योगिक क्षेत्र सहित पूरे शहर में बेहतर बिजली आपूर्ति का प्रयास जारी है। शहर में कोई पावर कट नहीं लग रहा। फॉल्ट होने की सूचना मिलने पर तुरंत सही कराया जाता है। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम