क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर की टीम ने मौके से 2500 तैयार पैकेट जब्त किए
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ काॅलोनी में अवैध रूप से चल रही एक नमक की फैक्ट्री का क्राइम ब्रांच बदरपुर बाॅर्डर की टीम ने पर्दाफाश किया है। आरोपी टाटा नमक का नकली लेबल लगाकर नमक के पैकेट तैयार कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 2500 तैयार पैकेट जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज कर फैक्टरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली के धीरपुर निरंकारी कॉलोनी निवासी पुष्पेन्द्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह टाटा नमक कंपनी में बतौर जांच अधिकारी कार्यरत हैं। काफी दिनों से उन्हें सूचना मिल रही थी कि बाजार में कुछ लोग कंपनी के नाम पर नकली माल बेच रहे हैं। जांच करने पर पता लगा कि डबुआ स्थित एक फैक्टरी में टाटा कंपनी का नकली लोगो लगाकर कुछ लोग नकली माल को बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। पीड़ित ने मामले की जानकारी क्राइम ब्रांच बदरपुर बाॅर्डर को दी। सूचना पाकर क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मार दिया। मौके पर कुछ लोग पॉलीथिन में नमक भरकर पैक कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर मिले फैक्टरी संचालक प्रवीन गोयल से लाइसेंस मांगा लेकिन उसके पास फैक्ट्री चलाने का कोई दस्तावेज मौजूद नहीं था। पुलिस ने मौके से 2500 पैकेट नमक जब्त कर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है।
गुजरात से चार रुपये किलो में लाकर 26 रुपये में बेचता था माल
शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी गुजरात से मात्र चार रुपये किलो के हिसाब से नमक लाकर उसे बाजार में 26 रुपये के दाम पर बेच रहा था। आरोपी ने फैक्ट्री में नमक पीसने के लिए मशीनें भी लगा रखी थीं। पिसाई के बाद आरोपी लेबर लगाकर टाटा नमक का नकली लोगो लगी पॉलीथीन में पैक कराकर थोक में माल दुकानदारों को दे रहा था। इसके लिए आरोपी ने सेल्समैन रख रखे थे, जो बाजार में कंपनी के नमक से एक या दो रुपया सस्ता देकर ग्राहकों को अपना माल बेचने में मदद करता था। ज्यादा माल लेने पर इसका दाम और भी कम कर दिया जाता था।
नकली माल बनाने का गढ़ बनता जा रहा फरीदाबाद
खाने पीने की चीजों में मिलावट कर नकली माल बनाने के लिए फरीदाबाद गढ़ बनता जा रहा है। डबुआ और सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में नकली लेवल लगे नमक और सरसों तेल बनाने की फैक्ट्री पहले भी पकड़ी गई है। पल्ला और अनंगपुर में नकली देसी घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि नकली लेवल लगे पैकेट में बंद नमक मिलावटी नहीं होता है। इसमें केवल सस्ते नमक को महंगे दाम वाले ब्रांड का लेबल लगाकर मुनाफा बढ़ाया जाता है। इससे खाने वाले के शरीर पर प्रतिकूल असर नहीं होता, लेकिन ब्रांडेड कंपनी का राजस्व का भारी नुकसान होता है।