औद्योगिक नगरी में साढे़ 6 लाख उपभोक्ता झेल रहे परेशानी
200 लाख यूनिट बिजली की मांग है जिले में रोज, आपूर्ति 160 लाख यूनिट
हाल में वैध हुईं कॉलोनियों में स्थायी कनेक्शन देने के बाद और बढ़ सकती है समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में बिजली की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। इस समय जिले में रोज 200 लाख यूनिट बिजली की मांग है, लेकिन आपूर्ति 160 लाख यूनिट ही हो पा रही है। मांग और आपूर्ति में अंतर आने से अलग-अलग क्षेत्रों में रोज 4 से 5 घंटे कट लग रहे हैं। हाल में वैध हुईं कॉलोनियों में स्थायी कनेक्शन देने के बाद यह समस्या और बढ़ सकती है। खासकर गर्मियों में लोगों को भारी बिजली कटौती से जूझना पड़ सकता है।
औद्योगिक नगरी में करीब साढे़ 6 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और रोज लगभग 200 लाख यूनिट बिजली की मांग रहती है लेकिन सप्लाई इससे काफी कम है। शहर में 200 से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें लाखों परिवार रहते हैं। इनमें से 64 कॉलोनियों को पिछले एक वर्ष में सरकार द्वारा नियमित कर दिया गया है। हालांकि सरकार की ओर से अवैध कॉलोनियों में अस्थायी कनेक्शन जारी करने के आदेश दिए गए हैं। नियमित श्रेणी में उद्घोषित हुईं सरूरपुर, राजीव कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, खेड़ी पुल क्षेत्र, तिलपत और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में बसी अनेक कॉलोनियों में बिजली के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कोई खास काम होता नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिजली कटौती होती है। इसका असर पहले वैध कॉलोनियों की बिजली सप्लाई पर पड़ता है।
सीएम के आदेश के बावजूद नहीं दिए जा रहे नए कनेक्शन
पिछले वर्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अनियमित कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन देने के आदेश दिए थे। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने भी इसकी मांग की थी, लेकिन ओवरलोडेड फीडरों के कारण बिजली विभाग की ओर से नए कनेक्शन देने पर रोक लगाई गई है। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी अभिषेक ने बताया कि उन्होंने हाल में नया फ्लैट लिया है। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया तो एसडीओ ने कनेक्शन देने से मना कर दिया। एसडीओ ने इसकी वजह फीडरों का ओवरलोड होना बताया है। इसी प्रकार सरूरपुर क्षेत्र में नए कनेक्शनों पर विभाग ने रोक लगाई है। अधिकारियों का कहना है कि लोड बढ़ाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है लेकिन अभी नहीं मिली।
पिछले साल मई में 230 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी मांग
पिछले साल मई में बिजली की मांग
230 लाख
यूनिट तक पहुंच गई थी लेकिन सप्लाई 200 लाख यूनिट को पार करते हुए 214 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी। बिजली की सबसे ज्यादा मांग शहरी क्षेत्र में 128.32 लाख यूनिट पहुंची थी तो औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की मांग 80.50 लाख यूनिट थी। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग शहरी क्षेत्र के मुकाबले सात गुना कम होकर 17 लाख यूनिट के आस-पास दर्ज की गई थी। पिछले पांच दिनों की बात करें तो शहर में बिजली की मांग करीब 180 लाख यूनिट थी, लेकिन बुधवार को 150 लाख यूनिट और बृहस्पतिवार को 156.80 लाख यूनिट आपूर्ति हुई। ऐसे में बिजली की बढ़ती मांग से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले की गईं तैयारियों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली फाॅल्ट अवैध कॉलोनियों में हो रहे हैं। इन कॉलोनियों में रोजाना चार से पांच घंटे के बिजली कट लग रहे हैं। बिजली कंट्रोल रूम में रोजाना 1500 से अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं। शहर की वैध कॉलोनियों में शामिल डबुआ, जवाहर कॉलोनी पर्वतीय कॉलोनी, कपड़ा कॉलोनी, न्यू जनता कॉलोनी, एसजीएम नगर का हाल भी ज्यादा अच्छा नहीं है। यहां भी पिछले एक सप्ताह से तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप हो रही है। इसी तरह शहरी बड़खल, अनखीर, मेवला महाराजपुर, एतामदपुर और इनके आस-पास के इलाकों में बिजली कटौती हो रही है।
योजना कागजों तक सीमित
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से शहर में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए मार्च तक 600 से अधिक ट्रांसफार्मर लगाने की योजना तैयार की गई है। वहीं इनमें से 350 ट्रांसफार्मर 200 केवी से लेकर 450 केवी तक के शामिल हैं जिससे गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने पर सप्लाई निर्बाध रूप से हो सके। बिजली निगम के विश्वसनीय अधिकारियों ने बताया कि अभी कई इलाकों में मंजूरी नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हुआ है।
बिजली कटौती में पहले से काफी कमी आई है। जिन फीडरों पर लोड अधिक है उन्हें दो भागों में बांटकर लोड कम किया जा रहा है। गर्मियों में लोगों को निर्बाध बिजली देने की योजना पर काम चल रहा है। हाल ही में वैध हुईं कॉलोनियों में जल्द विभागीय नीति अनुसार आधारभूत ढांचा मजबूत किया जाएगा।
-जितेंद्र सिंह ढुल, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम