22, 23 और 24 अक्तूबर को हड़ताल का एलान, आदेश वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के आदेश के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने मंगलवार को सेक्टर-23 स्थित दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सर्कल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतले फूंके। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 22 से 24 अक्तूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल करने का एलान किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, कनिष्ठ अभियंता और अधिकारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निजी कंपनी को लाइसेंस देने के फैसले को वापस लेने की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर सेक्टर-23 चौराहे पर पुतले दहन किए।
इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, उपभोक्ताओं, किसानों और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आपत्तियों के बावजूद आयोग ने गुरुग्राम और नूंह में समानांतर लाइसेंस देने का आदेश जारी किया है। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों क्षेत्रों से निगम के कुल राजस्व का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आता है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने भी फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हड़ताल का समर्थन किया।