लघु सचिवालय में लगे समाधान शिविर में शिकायतें लेकर पहुंचे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को लगे समाधान शिविर में सबसे ज्यादा शिकायतें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय संबंधी त्रुटियों को ठीक कराने की पहुंचीं। इसके अलावा परिवार में नए सदस्य जोड़ने, राशन कार्ड, अतिक्रमण, पुलिस और बिजली विभाग से संबंधित समस्याएं भी लोगों ने अधिकारियों के सामने रखीं। शिविर में पहुंचे गौंछी निवासी 81 साल के सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह अप्रैल माह से पेंशन बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। वह कई बार समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंच चुके हैं और कमरा नंबर 11 के भी चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक पेंशन नहीं बनी। एक बार में जरूरी दस्तावेजों की जानकारी नहीं मिलती, जिसकी वजह से बार-बार आना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार कार्यालय आना-जाना उनके लिए मुश्किल है, फिर भी पेंशन बनवाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। आज भी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
बृहस्पतिवार को उपायुक्त आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की अध्यक्षता सीटीएम अंकित कुमार ने की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के जल्द समाधान के निर्देश दिए। सीटीएम अंकित कुमार ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख रहे हैं। संबंधित विभागों को शिकायतों के निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पीपीपी में गलत आय दर्ज होने से सात महीने से राशन बंद
तिरखा कॉलोनी निवासी पूनम ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने के कारण पिछले सात महीने से राशन बंद है। उन्होंने बताया कि पति निजी कंपनी में काम करते हैं और करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाते हैं। परिवार में वही अकेले कमाने वाले सदस्य हैं, इसके बावजूद पीपीपी में सालाना आय चार लाख रुपये दर्ज है। इस गलती को ठीक करवाने के लिए वह चार बार समाधान शिविर आ चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
75 साल की उम्र में भी वृद्धावस्था पेंशन की आस
गौंछी निवास उमा देवी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन बनवाने के लिए वह लगातार समाधान शिविर पहुंच रही हैं, लेकिन अब तक उनकी पेंशन नहीं बनी। उन्होंने बताया कि कभी उन्हें किसी अधिकारी के पास तो कभी 11 नंबर कमरे में भेजा जाता है। उनका कहना है कि इस उम्र में पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारे का जरिया बन सकती है, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।