फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के खेलने-कूदने पर भी लगा ग्रहण

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई के आदेश के बाद बच्चों के खेलने-कूदने पर ग्रहण लग गया है। गलियों व पार्क में खेलने के लिए जाने वाले बच्चे प्रशासनिक कार्रवाई के डर से घर बाहर निकलने से कतरा रहे है। वहीं मां-बाप को भी बच्चों को बाहर भेजने से डर लगने लगा है। उनका कहना है कि कहीं उनके बच्चों को पुलिस उठा न ले जाए।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग डर-सहमे हुए हैं। हालत यह है कि प्रशासनिक कार्रवाई से कई लोग अपने घरों को खाली करके दूसरी जगह चले गए हैं, जबकि अधिकांश लोग अभी भी गांव में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में बच्चों के खेलने के लिए कोई बड़े पार्क तो नहीं है, लेकिन गांव के बाहर एक बड़ा पार्क है। वहीं बच्चे खेलने के लिए जाते थे। अब नहीं जा रहे है। कोरोना महामारी के बाद बच्चों की दिनचर्या बिल्कुल बदल गई है। महामारी में पहले ही बच्चे घरों में कैद थे। अब जब संक्रमण कम हुआ है तो गांव में तोड़फोड़ के आदेश आ गए। इससे बच्चे तनाव में जीवन जी रहे हैं। गांव के मुख्य द्वार पर पुलिस तैनात रहती है। इससे बच्चों को डर लगता है।
लोगों ने कहा कि पार्क में जाने पर बच्चों को पुलिस अन्य लोगों की ही तरह पकड़ कर ले जा सकती है। इसलिए भेजने से डर लगता है। अंशुल नामक एक बच्चे ने बताया कि 10 दिन पहले दोस्तों के साथ पार्क में क्रिकेट खेलने जाते थे। अब पुलिस वालों के डर से नहीं जाते हैं। सोहन ने बताया कि पुलिस वाले बच्चों को रास्ते से भगा देते है। दो बार उसके साथ भी ऐसा हो चुका है। इसलिए गली या छत पर ही खेल लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें