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लोगों से डर निकालने के लिए प्रशासन ने बदली रणनीति

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फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खोरी गांव से अतिक्रमण हटना तो तय है, लेकिन इसे बिना विरोध के खाली कैसे कराया जाए यह सवाल प्रशासन के मन में अभी भी है। गांव से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। हालांकि किराएदार तो जा रहे हैं, लेकिन मकान मालिक अपनी जगह छोड़ने के लिए तैयार नही हैं। हालांकि लोगों में डर को देखते हुए प्रशासन ने रणनीति बदल दी है। अब नाममात्र पुलिसकर्मियों को ही वहां तैनात किया गया है, वहीं ज्यादातर फोर्स को आसपास के क्षेत्रों में होटलों में ठहरा दिया गया है।
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खोरी गांव में पुलिस ने अभी तक जाम लगाने, भीड़ एकत्रित करने व पथराव करने के आरोप में करीब ढाई सौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही दर्जन भर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की मौजूदगी भी लोगों को घर खाली करने में बाधा बन रही है। इसको देखते हुए पुलिस ने अब रणनीति में बदलाव किया है। खोरी गांव के आसपास अब पुलिस बल नाम मात्र के लिए ही तैनात है। विभाग ने पुलिस को पर्दे के पीछे रहने के निर्देश दिए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल थाना सुरकजकुंड, दयाल बाग चौकी व आसपास के होटलों में ठहरा हुआ है। जरूरत पड़ने पर खोरी को छावनी में बदलने में मात्र पांच मिनट ही लगेंगे। दरसअल पुलिस को देखकर लोग बाहर आने से डर रहे थे। लोग हरियाणा की तरफ आने की बजाय दिल्ली की तरफ से निकलना सुरक्षित मान रहे हैं। लोगों को डर है कि कहीं पुलिस उन्हें जाम लगाने वालों या पथराव करने वालों के साथ होने के आरोप में गिरफ्तार न कर ले।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों को बनाया नोडल
गांव से सामान खाली कराने के लिए लोगों को कैंटर व अन्य वाहन उपलब्ध कराने का जिम्मा पर्यटन विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया है। नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि सरकार मकान खाली कराने के लिए नगर निगम के खर्चे पर वाहन भी उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए रोजाना गांव में मुनादी कराई जा रही है। रोजाना तीन से चार कैंटरों की मांग फिलहाल आ रही है। गांव के लोग चाहे दिल्ली में समान ले जाना चाहें या हरियाणा में वाहन का खर्च सरकार दे रही है।
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ठीकरा हरियाणा पर फोड़ना चाहता है दिल्ली वन विभाग
गांव के साथ लगती दिल्ली की सीमा में साल 2017 में जो पैमाइश की गई थी, उसे अब दिल्ली सरकार ने घटा दिया है। करीब तीन दिन की नापतोल के बाद दिल्ली सरकार ने जो नई निशानदेही की है। उसमें दिल्ली का इलाका कम दिखाया गया है। सूत्रों के मुताबिक तोड़फोड़ की कार्रवाई में सारा मामला हरियाणा का दिखाने के लिए ऐसा किया गया है। खोरी गांव के साथ लगती रामप्यारी कॉलोनी में भी नोटिस चस्पा किए गए हैं। यहां रहने वाले लोगों ने जब दिल्ली एसडीएम कार्यालय में संपर्क किया तो नापतोल शुरू हुई। अब यहां नई निशानदेही में हरियाणा का इलाका ज्यादा दिखाया गया है, जबकि पहले लोग उसे दिल्ली का इलाका ही कहते थे।
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