दो माह तक नहीं भरा रिटर्न तो नहीं मिलेगा ई-वे बिल
फरीदाबाद। दो माह तक जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जीएसटी विभाग सख्त हो गया है। अब ऐसे व्यापारियों को ई-वे बिल नहीं मिलेंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने आदेश जारी कर दिए हैं। इससे व्यापारियों व उद्यमियों में अफरातफरी मची हुई है।
जिले में छोटे-बड़े करीब 30 हजार व्यापारी व उद्यमी जीएसटी विभाग में रजिस्टर्ड हैं। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत कंपनियों को महीने की 20 तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होता है। वहीं कम्पोजिशन योजना का विकल्प चुनने वाले व्यापारियों को तिमाही के अंत के बाद महीने की 18 तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होता है। इसके आधार पर ही कंपनियों के ई-वे बिल जारी किए जाते हैं। मगर पिछले दो वर्षों में देखा गया है कि अनेक ऐसे व्यापारी है जो समय पर जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं करते। इससे टैक्स चारी की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ जीएसटी विभाग सख्त हो गया है।
इसके लिए वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने ऐसी आईटी प्रणाली स्थापित की है जिसमें निर्धारित अवधि में रिटर्न नहीं दाखिल करने वाली कंपनियों के ई-वे बिल निकालने पर रोक लग जाएगी। इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट अडजेंस्टमेंट में सुधार होगा। इससे व्यापारियों द्वारा टैक्स भरने में निरंतरता आएगी। इससे टैक्स चोरी में रोक लगेगी। शिवालिक प्रिंट के सीएमडी नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह एक अच्छा फैसला है। कई व्यापारी समय पर रिटर्न नहीं भरते हैं। इससे जीएसटी प्रक्रिया में बाधा आती है। बोर्ड के इस फैसले से काफी सुधार होगा।
नए आदेशों को लागू कर दिया गया है। ऐसे व्यापारी जो दो माह तक लगातार रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें ई-वे बिल जारी नहीं किया जाएगा।
-प्राणेश पाठक, केंद्रीय जीएसटी आयुक्त