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Faridabad News: सड़कों पर उड़ती धूल, वाहनों से निकलता धुआं हवा में कर रहा दमघोंटू

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लोगों को आंखों में जलन और सांस संबंधी समस्याओं का करना पड़ रहा सामना
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300 के ऊपर बना हुआ है बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक
संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की हवा दिल्ली की तरह ही खतरनाक होती जा रही है। शहर में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। सड़कों पर उड़ती धूल, खुले में रखी निर्माण सामग्री और वाहनों से निकलता धुआं हवा में दमघोंटू कर रहा है। इसकी वजह से लोगों को आंखों में जलन और सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण को रोकने के लिए लगाए नए प्रतिबंधों के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कुछ हद तक कम हुआ है। वहीं फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। बीते एक हफ्ते से बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर बना हुआ है। शहर का बल्लभगढ़ क्षेत्र प्रदूषण को हॉट स्पॉट बनता जा रहा है।
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली में एक नवंबर से बीएस तीन या उससे कम मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। दिल्ली प्रशासन प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार नए नियम बना रहा है या प्रदूषण फैलाने वाले संसाधनों पर प्रतिबंध लगा रहा है। वहीं फरीदाबाद में इसको लेकर कोई ठोस कार्रवाई होती हुई नजर नहीं आ रही है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार रविवार को बल्लभगढ़ का एक्यूआई 319 दर्ज किया गया है। वहीं फरीदाबाद का एक्यूआई 215 दर्ज किया गया है। हालांकि फरीदाबाद क्षेत्र में स्थित सेक्टर 16 ए की प्रदूषण मापक मशीन अभी तक ठीक नहीं हुई है।
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फिलहाल दिल्ली एनसीआर में ग्रैप का दूसरा चरण लागू है। इसके बावजूद शहर में कई जगह कूड़ा जल रहा है। कूड़े से उठता धुआं लगातार प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा रहा है। ग्रैप के पहले चरण में ही कचरा जलाने पर पाबंदी लग जाती है। इसके बावजूद कचरा जल रहा है। रविवार को सेक्टर-12 इलाके में कई जगह खुले में निर्माण सामग्री रखी हुई थी। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद में भी रात में कूड़ा जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाद भी प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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