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काट ले गए मीटर: महिला ने मांगी पुलिस से मदद, बोली- पति देता है हर महीने 20 हजार; विभाग ने भेजा 50 हजार का बिल

Mon, 15 Jan 2024 05:38 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बल्लभगढ़

सार

कोर्ट की ओर से पीड़ित महिला मंगला को हर महीने 20 हजार रुपये उनका पति हेमराज मंगला घर खर्च के लिए देता है। बिजली का बिल 50 हजार रुपये से ज्यादा का हो चुका है।
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बिजली विभाग काट कर ले गया महिला के घर का बिजली मीटर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली का बिल ज्यादा आने पर पीड़ित महिला ने पुलिस से बिल भरवाने के लिए शिकायत कर मदद की मांग की। पीड़ित महिला ने पुलिस को पत्र लिखकर पति से बिल भरने को कहा है। भीकम कॉलोनी निवासी ज्योति मंगला ने बताया कि उनका पति हेमराज मंगला काफी सालों से दूसरी औरत रेखा दिक्की के साथ सेक्टर आठ स्थित किराए के मकान में रह रहा है।

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पीड़ित महिला ने पति के खिलाफ केस दर्ज करवा रखा है। कोर्ट की ओर से पीड़ित महिला मंगला को हर महीने 20 हजार रुपये उनका पति हेमराज मंगला घर खर्च के लिए देता है। बिजली का बिल 50 हजार रुपये से ज्यादा का हो चुका है। जिसको वह पिछले तीन सालों से भर नहीं पा रही है। इसी वजह से बिजली विभाग उनके घर का मीटर काट कर ले गया। इसको लेकर पुलिस को लिखित शिकायत दी की। बिजली बिल को भरने के लिए पति हेमराज से मदद दिलाई जाए।

डीजल जेनसेट के भरोसे सोसाइटी की बिजली ... उड़ रही ग्रैप की धज्जियां
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गुरुग्राम के लिए ग्रैप तीन के नियम लागू कर दिए हैं। बावजूद इसके सेक्टर 104 स्थित एटीएस ट्रायंफ सोसाइटी पिछले 19 दिनों सें 24 घंटे डीजल आधारित बिजली पर निर्भर है। निवासी जरूरत के मुकाबले कम बिजली मिलने से त्रस्त हैं। बिजली निगम बगैर पूरी बैंक गारंटी वसूले दोबारा बिजली जोड़ने को तैयार नहीं है।

परेशान निवासियों का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बिजली निगम के अधिकारियों को संबोधित करने आए राज्य के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला से मुलाकात करने पहुंचा। मामला सामने आने पर मंत्री ने भी हैरानी जताई। उन्होंने मुख्य अभियंता वीके अग्रवाल को समस्या का समाधान निकालने के लिए कहा है।

बीते 27 दिसंबर को 33केवीए सबस्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बैंक गारंटी नहीं जमा किए जाने पर इस सोसाइटी की बिजली काटी गई थी। तब से प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये का डीजल खर्च कर बिल्डर प्रबंधन बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रैप के तीसरे चरण के नियमों के मुताबिक भी केवल जरूरी कार्य के लिए डीजल आधारित बिजली चलाई जा सकती है। लेकर ट्रायंफ में लिफ्ट और कॉमन एरिया के अलावा घरों में भी बिजली की जरूरत है।

बिजली निगम के एसडीई विक्रम सिंह ने बताया कि एटीएस के बिल्डर ग्रेट वैल्यू एचपीएल इंफ्राटेक पर करीब 3.84 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी बाकी है। यह बैंक गारंटी 33 केवीए सबस्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली निगम को दी जानी है। इन्हें करीब 5.63 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देनी थी। इन्होंने इसका आंशिक रकम चुकाया है। अभी तक सोसाइटी अस्थायी कनेक्शन के सहारे चल रही है। बैंक गारंटी चुकाने को लेकर कई बार नोटिस भेजा जा चुका है। जब उन्होंने बात नहीं सुनी तो बिजली काटनी पड़ी।
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सोसाइटी में चस्पा किया ...न बिजली, न पानी
दूसरी ओर स्थानीय निवासियों ने बताया कि अभी बिल्डर जरूरत के मुकाबले काफी कम बिजली दे रहे हैं। इससे काफी दिक्कत आ रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को इसके लाइसेंस रद्द करने चाहिए। लोगों का कहना है कि इसी बिल्डर की एक सोसाइटी सेक्टर 89 में मेरी गोल्ड नाम से है, वहां भी 33 केवीए सबस्टेशन नहीं बना है। सोसाइटी के निवासियों ने सोसाइटी में एक पोस्टर लगा दिया है। इसमें लिखा है कि बिजली ना पानी, जेनरेटर पर जिंदगी, बदहाल सड़क, यही है ट्रांयफ की कहानी। सोसाइटी के निवासी नवदीप सिंह ने बताया कि लोगों ने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं और बिल्डर प्रबंधन उसे फाड़ कर हटा रहे हैं।
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